नई दिल्ली, आज भी भारतीयों के लिए पोस्ट ऑफिस निवेश के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में से एक है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग बचत राशि को आज भी बैंकों के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में रखना पसंद करते हैं. लेकिन पोस्ट ऑफिस से जुड़ी एक ऐसी खबर आई है, जिसे हर किसी को पढ़नी चाहिए. 
दरअसल देशभर में विभिन्न डाकघरों के बचत खातों (SAVING ACCOUNT) में 9,395 करोड़ रुपये की राशि दावारहित (लावारिस) पड़ी है. इसके अभी तक कोई दावेदार सामने नहीं आए हैं और ये रकम दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. 

बता दें, देश में लाखों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पोस्ट ऑफिस में अपनी गाढ़ी कमाई रखी, और फिर किसी वजह से उनका देहांत हो गया. देहांत से पहले वो परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए और फिर उसी पैसे के पोस्ट ऑफिस में कोई दावेदार नहीं पहुंच रहे हैं, जो एक तरह से अब लावारिस रकम है. 
सबसे अधिक 2,429 करोड़ रुपये की रकम किसान विकास पत्र में लावारिस पड़े हैं. इसके बाद मंथली इनकम स्कीम में 2,056 करोड़ रुपये लावारिस पड़े हैं. इसके अलावा एनएससी में भी 1,888 करोड़ रुपये का दावा करने वाला कोई नहीं है. 
हैरान करने वाली बात यह है कि लावारिस पड़ी लगभग आधी रकम पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के डाकघरों में जमा हैं. इससे पहले, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के खातों में भारी मात्रा में रकम दावारहित होने की बात सामने आई थी.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2018 को दावारहित (लावारिस) कुल रकम 15,166.47 करोड़ रुपये थी. ऐसी कंपनियों की सूची में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जीवन बीमा निगम टॉप पर है, जिसके पास कुल 10,509 करोड़ रुपये का कोई दावेदार नहीं है, जबकि निजी कंपनियों के पास ऐसी रकम 4,657.45 करोड़ रुपये है.