सिडनी, भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत की पूर्व क्रिकेटरों ने जमकर तारीफ की है. भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से जीती जो उसकी ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में पहली जीत है. आपको बता दें कि भारत ने स्वतंत्रता मिलने के कुछ दिन बाद पहली बार 1947-48 में लाला अमरनाथ की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. तब उसका सामना सर डॉन ब्रैडमैन की अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम से था. तब से लेकर अब जाकर भारत का सीरीज जीतने का इंतजार विराट कोहली की टीम ने खत्म किया.

ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की सीरीज में लचर प्रदर्शन किया और अगर मौसम खराब नहीं होता तो भारत का जीत का अंतर इससे बेहतर होता. कई पूर्व क्रिकेटरों और प्रशासकों ने ट्विटर पर भारत को जीत की बधाई दी. बिशन सिंह बेदी ने कहा, ‘भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड की हार से उबरकर इस शानदार जीत के लिए बधाई. ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराना वास्तव में उल्लेखनीय उपलब्धि है. चेतेश्वर पुजारा और जसप्रीत बुमराह ने निरंतरता दिखाई. पूरी टीम की प्रतिबद्धता से मिली जीत.’
वीरेंद्र सहवाग ने कहा, ‘भारतीय टीम को इस यादगार जीत के लिए बधाई. प्रत्येक भारतीय क्रिकेट प्रेमी को इस जीत पर बहुत गर्व होगा. टीम के प्रत्येक सदस्य ने विशेष प्रयास से यह परिणाम सुनिश्चित किया.’
हरभजन सिंह ने कहा, ‘मुझे आप पर गर्व है. ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने पर भारतीय टीम को बधाई. 'मैन ऑफ द सीरीज' चेतेश्वर पुजारा भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे. यह फॉर्म बरकरार रखो. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का जवाब नहीं.’
सुरेश रैना ने कहा, ‘आखिरी बार आपने कब पहली बार कुछ किया. भारत की ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में पहली ऐतिहासिक जीत. भारतीय टीम का बेहतरीन प्रयास. यह भले ही बारिश में खत्म हो गया, लेकिन इससे जश्न पर असर नहीं पड़ा. मुझे गर्व है.’
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट टीम को इतिहास रचने पर बधाई. ऑस्ट्रेलिया में पहली बार जीतना भारत में सभी के लिए गौरवशाली क्षण है. चेतेश्वर पुजारा और पूरे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को इस सीरीज में रोकना मुश्किल रहा. जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी करते हुए देखना रोमांचक रहा.’
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, ‘टीम को 2-1 से समाप्त हुई सीरीज में जीत पर बधाई.’

ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा, ‘सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे इस टीम का हिस्सा होने पर कभी इतना अधिक गर्व नहीं हुआ जितना अभी इस समय हो रहा है. हमने एक संस्कृति विकसित की. हमारे बदलाव की शुरुआत यही पर हुई थी जहां मैंने कप्तान पद संभाला था और मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि चार साल बाद हम यहां जीतने में सफल रहे. मैं केवल एक शब्द कह सकता हूं कि मुझे इस टीम की अगुवाई करने में फख्र महसूस होता है. यह मेरे लिए सम्मान है. खिलाड़ियों के प्रयास से ही कप्तान अच्छा साबित होता है.’