नई दिल्ली । कई महीनों की देरी के बाद देश में तेल/गैस की खोज के काम के विस्तार के लिए 14 तेल खंडों की नीलामी का दूसरा दौर सोमवार को शुरू होगा, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को इसकी शुरुआत करने वाले है। ये 14 तेल खंड कुल मिलाकर 29,333 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। देश में कंपनियों को तेल/गैस की खोज के लिए अपनी पसंद के इलाके चुनने की छूट देने की नीति जुलाई 2017 में लागू की गई। इस मुक्त क्षेत्रफल अनुज्ञप्ति नीति के नाम से जाना जाता है। इसके तहत कंपनियां किसी भी क्षेत्र में तेल या गैस खोजने की दिलचस्पी जाहिर कर सकती है जहां अभी खोज या उत्पादन नहीं हो रहा है। कंपनियां इसके लिये साल के दौरान कभी भी रुचि पत्र जमा कराया जा सकता है पर उनका इसका मूल्यांकन साल में दो ही बार किया जाता है। दूसरी नीलामी पिछले साल जून में ही होने वाली थी लेकिन अज्ञात कारणों से इसमें देरी होती रही।
इस नीलामी में पेश खंडों में कृष्णा-गोदावरी घाटी में गहरे पानी में स्थित एक खंड, अंडमान और कच्छ घाटी में उथले पानी में स्थित दो-दो खंड, महानदी घाटी में उथले पानी का एक खंड,महानदी घाटी में चार स्थलीय खंड, कैमबे में दो स्थलीय खंड तथा राजस्थान और कावेरी में एक-एक स्थलीय खंड शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन 14 खंडों में 1,260.90 करोड़ टन तेल एवं तेल के समतुल्य गैस का भंडार होने की संभावनाएं हैं। पहली नीलामी में कुल 55 खंडों में 41 खंड वेदांता लिमिटेड के हिस्से में गये थे। इसके अलावा नौ खंड ऑयल इंडिया लिमिटेड को और दो खंड ओएनजीसी को मिले थे। गेल, बीपीसीएल और एचओईसी को एक-एक खंड मिले थे।