भोपाल । भाजपा को विपक्ष की भूमिका पच नहीं रही है इसलिए वह हॉर्स ट्रेडिंग करके सत्ता में वापस आना चाहती है। यह कहना है प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिह का। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ सरकार को अस्थिर करना चाहती है। दिग्विजय का कहना है कि शिवराज सरकार में मंत्री रहे दो भाजपा  नेता विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह आरोप लगाया है कि कलमनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं है। दिग्विजय ने इस आरोप के जवाब देने हुए कहा कि 'ऐसा कहकर शिवराज सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को कटघरे में खड़ा कर दिया है क्योंकि उन्होंने ही बहुमत के आधार पर कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी।' उन्होंने आगे कहा कि 'शिवराज सरकार में मंत्री रहे तीन भाजपा  नेता कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग निर्दलीय और एसपी-बीएसपी विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के भी कुछ विधायकों को लालच देने की कोशिश की जा रही है।' श्री सिंह के अनुसार भाजपा के नेता विधायकों को दस से पच्चीस करोड़ तक का ऑफर दे रहे हैं। 
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने आगे कहा कि  'दरअसल भाजपा के नेता सत्ता के बिना रह नहीं पा रहे हैं इसलिए वे एक चुनी हुई, बहुमत वाली सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलेगी।' उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों की नाराजगी के चलते प्रदेश में ऐसी अटकलें चल रही हैं कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ सकती है। कमलनाथ सरकार में दिग्विजय की बड़ी हिस्सेदारी है। उनके बेटे सहित दस समर्थकों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। सदन की दलिय स्थिति पर नजर डाले तो 230 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के कुल 114 सदस्य हैं। एसपी-बीएसपी और निर्दलीय मिलाकर 7 सदस्य कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं। वहीं  भाजपा के 109 सदस्य हैं।