शादी के बाद कपल हर चीजें शेयर करता है। रूम से लेकर बेड और सामान तक। लेकिन क्या यह रिश्ते के लिए अच्छा होता है? क्या अलग-अलग सोना मैरिड कपल के लिए ज्यादा बेहतर है? चलिए जानते हैं।टोरंटो के रायरसन यूनिवर्सिटी की ओर से इसे लेकर हाल ही में एक स्टडी करवाई गई। जिन कपल्स पर यह स्टडी हुई उनमें से 30-40 प्रतिशत कपल ने माना कि वह रात में अलग-अलग बेड पर सोते हैं और इससे उन्हें अपनी रिलेशनशिप हैपी बनाए रखने में मदद मिलती है।दरअसल, पार्टनर के साथ बेड शेयर करने के दौरान आपकी बॉडी को उनके स्लीपिंग पैटर्न के मुताबिक ढलना होता है। कई बार कपल में से एक को स्नोरिंग की आदत होती है जो सोने के दौरान शांति पसंद पार्टनर की नींद उड़ा सकता है। नींद नहीं आने पर चिड़चिड़ापन बढ़ता है जो रिश्ते पर भी असर डालता है।कई बार शादीशुदा होने पर भी कपल बेड शेयरिंग के साथ कंफर्टेबल नहीं हो पाते। वहीं कुछ स्थितियों में दोनों पार्टनर की वर्किंग टाइमिंग अलग-अलग होती है।नतीजन कपल की नींद बार-बार टूटती है। ठीक से नींद नहीं आने पर धीरे-धीरे इसका असर उनके मूड, हेल्थ और फिर रिश्ते को भी पर भी दिखने लगता है।कुछ स्थितियों में पार्टनर एक-दूसरे से इतने चिढ़ जाते हैं कि वह हर चीज के लिए ही एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर देते हैं। यह किसी भी रिश्ते को तोड़ने के लिए काफी होता है।स्टडी की मानें तो कपल को रिलेशनशिप दिखाने के लिए बेड शेयर करना जरूरी नहीं है। बॉडी और मेंटल हेल्थ के लिए नींद काफी जरूरी है और अगर अलग सो कर यह हासिल होता है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।