भोपाल: मध्य प्रदेश के सारनी में एक बाघ की हलचल ने इलाके में दशहत फैला दी है. दस से ज्यादा मवेशियों का शिकार कर चुके खतरनाक जानवर को काबू में करने के लिए वन विभाग अब हाथियों का सहारा ले रहा है. इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर बाघ के मूवमेंट वाले इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है.

बैतूल जिले के सारणी स्थित रिहायशी इलाके में बाघ का मूवमेंट पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है. आफत की घड़ी तब आ गई जब इस जंगली जानवर को शहर की एक कॉलोनी में घूमते हुए देखा गया. सोमवार रात गश्ती कर रही वन विभाग की टीम ने बाघ को बीच सड़क पर चलते हुए देखा. उन्होंने इस मूवमेंट का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया.

पिंजरे और जाल लगाए
वन विभाग की ओर से जगह-जगह पिंजरे और जाल लगाए जाने के बाद भी आतंकी बाघ किसी तरह शिकंजे में नहीं आ रहा है. उधर, इलाके में 10 से ज्यादा पशुओं का शिकार करने वाले बाघ की खबर सुनकर लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया है.

कॉलोनी में दहशत
ऐहतियातन इलाके में लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही एक स्थान पर पांच या इससे ज्यादा इकट्ठे न हों, इसलिए  एसडीएम एसके भंडारी ने धारा 144 लागू कर दी है. कॉलोनियों में लोगों को घरों अंदर रहने की सलाद दी गई है. फॉरेस्ट रेंजर अपनी टीम के साथ संबंधित क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं.

हाथियों का सहारा
दरअसल, घनी झाड़ियां और दलदल की वजह से बाघ को पकड़ने में वन विभाग को सफलता हाथ नहीं लग रही है. इसके चलते अब वन विभाग ने कान्हा नेशनल पार्क से हाथियों के दल बुलाए हैं, जिनके सहारे बड़े स्तर पर सर्चिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा.