भोपाल। प्रदेशभर मे मासुमो कि हत्या, दुष्कर्म सहित उनके साथ रेप का प्रयास, अशलील हरकते करने के मामलो मे आरोपियो को कडी सजा मिल रही है। बीते समय मे अदालतो द्वारा दिये गये फैसलो मे सामने आया कि कोर्ट ने भी ऐसे मामलो मे कठोर टिपण्णी करते हुए आरोपियो के दोषी साबित होने पर उन्हे कडी सजाऐ सुनाई है। जानकारी के अनुसार शाजापुर मे जहॉ एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कृत्य और लज्जा भंग के प्रकरण में कोर्ट ने दो आरोपितों को कुल 11-11 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना मे जानकारी के अनुसार आरोपी भगवानसिंह उर्फ राजकुमार पिता बाबूलाल मेवाड़े निवासी ग्राम मदाना एवं भोजराज पिता सवाईसिंह मेवाड़ा निवासी ग्राम मदाना को अंतर्गत धारा 324 आईपीसी में दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इसी तरह धारा 452 आईपीसी में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास व एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 की धारा 8 में दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित कि या इस प्रकार कु ल 11-11 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 11-11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित कि या गया। दोनो आरोपियो ने गांव मे ही रहने वाली नाबालिग किशोरी के साथ मई 2017 मे दुष्कर्म किया था।
वही दुसरी और कुंडम में मासूम से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने कि दिल दहला देने वाली घटना मे पाक्सो के विशेष न्यायाधीश ने मरते दम तक कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपित को जहॉ तीन अलग-अलग धाराओं में तीन बार उम्रकैद की सजा दी है। वही उसपर 30 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया गया है। सनसनीखेज घटना मे जानकारी के अनुसार कुंडम की ब्लॉक कॉलोनी में 5 अक्टूबर 2017 को नवरात्रि पर्व के दौरान बालिका के पड़ोस में रहने वाला आरोपी 25 वर्षीय सुशील दीक्षित रात करीब साढे नो बजे टॉफी का लालच देकर उसे सुनसान इलाके मे ले गया, जहां उसने मासूम के साथ हैवानियत कि इस दौरान बालिका बेहोश हो गई जिसके बाद हैवान बने सुशील ने मासुम का सिर दीवार से टकरा दिया फिर ईंट से उसके सिर पर कई बार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हैरानी वाली बात यह है कि मासूम के साथ रेप ओर उसकी जघन्य हत्या के बाद हैवान आरोपी सुशील दीक्षित ने ही कॉलोनी वालो जाकर को बताया कि उत्कृष्ट स्कूल के पीछे एक बालिका की लाश पड़ी हुई है। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जघन्य हत्याकांड कि सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे मरते दम तक उम्र कैद, धारा 376 (क) में मरते दम तक उम्र कैद तथा 302 में उम्र कैद और तीनों सजाओं में 10-10 हजार का अर्थदण्ड कि सजा सुनाई है। दुसरी ओर उज्जैन के जीवाजीगंज थाना इलाके मे साल 2015 के अगस्त माह मे 17 साल कि मुक बधिर भतीजी से अशलील हरकते कर उसके कपडे फाडने कि घटना मे कोर्ट ने आरोपी ताउ को दोषी करार देते हुए तीन साल कि सजा सुनाते हुए कहा कि मुक बधिर किशोरी जो कि आरोपी कि बेटी के समान है, उसके साथ घर मे घुसकर लज्जा भंग करने का अपराध एक घ्रृणित ओर निंदनिय कृत्य है।