भोपालः मध्य प्रदेश में कई बड़े अफसरों ने राज्य में नई सरकार बनने से पहले ही अपनी छुट्टियां पूरी कर ली हैं. आमतौर पर ईयर एंड में छुट्टी लेने वाले इन अफसरों ने प्रदेश में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव से पहले ही कई-कई दिनों की छुट्टियां बिता ली हैं और अपना कोटा पूरा कर लिया है. इस मामले में रिटायर्ड आईएएस डीएस राय का कहना है कि चुनावी आचार संहिता के दौरान कई अफसरों पर नेता दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. इसलिए इस दौरान अफसर छुट्टी पर रहना चाहते हैं. उनका तर्क ये भी है कि छुट्टी लेना गलत भी नहीं है, ये अफसरों का अधिकार है.
बता दें चुनावी आचार संहिता के दौरान ज्यादा काम नहीं होता है, लेकिन अफसरों पर नेताओं का दबाव बहुत होता है. इसलिए दबाव से बचने के लिए अफसर छुट्टी पर चले जाते हैं और छुट्टी पर जाना गलत नहीं है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अफसरों पर बीजेपी नेता दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. इसलिए वे छुट्टी पर चले गए, लेकिन बीजेपी ऐसे आरोपों को नकारते हुए कहती है कि छुट्टियां नियमानुसार दी जाती हैं.
किसने मनाई छुट्टी
इकबाल सिंह बैंस, गौरी सिंह, मनोज श्रीवास्तव, मोहम्मद सुलेमान, अनुपम राजन, स्वाति मीणा नायक, अलका श्रीवास्तव, उर्मिला शुक्ला, राजीव शर्मा, राजीव चंद्र दुबे, मसूद अख्तर ने विदेश में मनायी छुट्टी. इसके अलावा राजीव शर्मा, राजीव चंद्र दुबे, मसूद अख्तर विदेश में मिड करियर ट्रेनिंग के बाद विदेश में ही छुट्टी मनाने के लिए एक्स इंडिया लीव दी गई.
किसने कितने दिनों की छुट्टी ली
इकबाल सिंह बैंस एसीएस पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 10 से 21 नवंबर तक छुट्टी पर रहे. गौरी सिंह, एसीएस स्वास्थ्य विभाग 27 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक,  मनोज श्रीवास्तव, एसीएस वाणिज्यिक कर 10 से 18 नवंबर तक, मोहम्मद सुलेमान, पीएस पीडब्ल्यूडी 9 से 12 नवंबर तक, अनुपम राजन, पीएस पर्यावरण विभाग 17 नवंबर से 25 नवंबर, स्वाति मीणा नायक, एमडी मार्कफेड 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक, अलका श्रीवास्तव, अपर सचिव सामाजिक न्याय विभाग 20 से 22 अक्टूबर, और उर्मिला शुक्ला, संचालक जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान ने 26 नवंबर से 19 जनवरी तक छुट्टी मनाई.