जबलपुर। रांझी शासकीय अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां पहुंचे एक मरीज को स्टाफ यह कहकर दिलासा देता रहा कि डॉक्टर साब राउंड पर हैं आने वाले हैं। घंटे भर बाद भी डाक्टर नहीं पहुंचे और मरीज ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। उच्च अधिकारियों के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। 
बताया गया है कि रामकुमार कोरी की तबियत अचानक रात को खराब हो गई। जिसे रांझी शासकीय अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डाक्टर के न होने के कारण मरीज ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। खासबात तो यह रही कि अस्पताल में मौजूद नर्स व स्टाफ यह बताने के लिए तैयार नहीं थे कि डॉक्टर नहीं है। स्टॉफ ने परिजनों को यह कहते हुए रोके रखा कि डाक्टर राउंड पर है अभी आ रहे हैं।
परिजनों ने किया हंगामा ...........
मरीज की मौत के बाद परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। प्रदर्शन की खबर मिलते ही रांझी थाना पुलिस सहित मुख्य चिकित्सक अधिकारी भी पहुंच गए, जिनके समक्ष आक्रोशित लोगों ने डाक्टर सहित स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। सीएचएमओ मुरली अग्रवाल ने आक्रोिशत लोगों को आश्वासन दिया कि जांच के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी, इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए।
यह था पूरा मामला .............
रांझी क्षेत्र में रहने वाले रामकुमार कोरी उम्र ४६ वर्ष घर में चक्कर आने के कारण गिर गए थे। परिजनों ने रामकुमार को तत्काल रांझी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां पर ओपीडी पर्ची कटाने के बाद मरीज को आकस्मिक चिकित्सा कक्ष ले जाया गया। आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में डाक्टर न होने के कारण परिजन डाक्टर को बुलाने की बात कहते रहे। जिसपर स्टाफ यही कहता रहा कि डाक्टर राउंड पर है, अभी आ रहे है, काफी देर होने के बाद भी डाक्टर नहीं आए और इधर मरीज रामकुमार की हालत बिगड़ती चली गई, रात एक बजे के लगभग रामकुमार की मौत हो गई।