भोपाल। 28 नवंबर को मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। 5 दिन से इवीएम-वीवीपैट स्ट्रांग रूम में बंद है। मतगणना 11 दिसंबर को होनी है। इस बीच, प्रदेशभर में ईवीएम की गड़बड़ी की शिकायतें आने के बाद कांग्रेस सतर्क हो चुकी है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव प्रचार प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को चौकन्ना रहने के निर्देश दिये हैं। इस बीच कांग्रेसी नेताओं ने कुछ जिलों के कलेक्टरों पर शक जाहिर किया है। वे लगातार स्ट्रांग रूम का दौरा कर रहे है। कांग्रेस के भोजपुर प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भोपाल के बाद रायसेन स्ट्रांग रूम का दौरा किया। उन्होंने कहा कि  भोपाल, अनूपपुर, सागर में भी मशीनों की गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। रायसेन में ईवीएम मशीनें जिन स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं, उनके मुख्य द्वार की दृश्यता कैमरे के साथ सही तरीके से नहीं है। रविवार शाम बिजली गुल होने के कारण यहां आधे घंटे सीसीटीवी बंद रहे। कांग्रेस का कहना है कि 2013 में स्ट्रांग रूम के बाहर सोने की इजाजत थी, लेकिन इस बार क्यों नहीं है।

कांग्रेस ने मशीनों की जानकारी मांगी
सुरेश पचौरी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ईवीएम की संपूर्ण जानकारी मांगी गई है। इस्तेमाल हुई ईवीएम, उपयोग में लाई गई ईवीएम और बिना उपयोग वाली ईवीएम समेत खराब हुई ईवीएम के नंबरों की जानकारी मांगी गई है। आयोग को लिखे गए पत्र में पचौरी ने आशंका जताई गई है कि ईवीएम के जरिए गड़बड़ी हो सकती है। पचौरी ने भोजपुर विधानसभा में स्ट्रांग रूम के बाहर लैपटॉप के जरिए हैकिंग की भी आशंका जताई है।

ईवीएम देरी से पहुंचने की रिपोर्ट आना बाकी
मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने कहा कि सागर, खरगौन, सतना और अब खंडवा के पंधाना में ईवीएम लेट पहुंचने के मामलों की रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद उसका परीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। 

गोली चलाने की बात कहने वाली कलेक्टर घिरीं
रीवा कलेक्टर को मुश्किलों ने घेर लिया है। कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक ने कहा था कि स्ट्रॉन्ग रूम के पास कोई आए तो गोली मार देना। इस बयान पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। चुनाव आयोग की राष्ट्रीय शिकायत प्रकोष्ठ ने कलेक्टर को नोटिस जारी कर 24 घंटों के अंदर जवाब मांगा है। गौरतलब है कि रीवा में कांग्रेस प्रत्याशी अभय मिश्रा ने स्ट्रांग रूम में ईवीएम की सुरक्षा पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस पर शनिवार को अभय मिश्रा के साथ चर्चा के दौरान कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक ने मामले में अपने सुरक्षाकर्मियों से गोली मारने वाला बयान दिया था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के जरिये ये जवाब भारत निर्वाचन आयोग के पास भेजा जाएगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोली थीं कलेक्टर
स्ट्रॉन्ग रूम में कोई नहीं आ सकता, अगर कोई आए तो गोली मार देना। ये चुनाव मेरे लिए मामूली है, इस फिजूल के चक्कर में 25 साल की साख खराब नहीं करूंगी। मुझे आगे प्रिंसिपल चीफ सेकेट्री बनना है। ये निर्वाचन  मेरे लिए कुछ नहीं है। 

इन कलेक्टरों ने कराई किरकिरी
खंडवा, खरगोन, भोपाल, सागर एवं अनूपपुर के कलेक्टरों की लापरवाही के कारण मप्र निर्वाचन आयोग की किरकिरी हो रही है। प्रदेश के चार जिलों में ईवीएम मतदान से 2 एवं तीन दिन बाद जमा कराने के लिए लाई गई है। वहीं, भोपाल में सीसीटीवी बंद रहीं। सागर कलेक्टर आलोक कुमार, खंडवा कलेक्टर विशेष गढ़पाले, अनूपपुर कलेक्टर अनुग्रह पी एवं खरगोन कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने ईवीएम जमा कराने में लापरवाही बरती। वहीं, भोपाल कलेक्टर सुदामा खांडे भी लपेटे में हैं।

ऐसी-ऐसी गड़बडिय़ां हुईं
- सागर जिले में चुनाव के दो दिन बाद 30 नवंबर को खुरई विधानसभा क्षेत्र से 35 करीब ईवीएम को बिना नंबर की गाड़ी से स्ट्रांग रूम में जमा होने आईं
- अनूपपुर जिले में भी 1 दिसंबर को मतदान के तीन दिन बाद 35 ईवीएम स्ट्रांग रूम पहुंची
- खंडवा  जिले के पंाधाना में भी ईवीएम देरी से पहुंचने का मामला सामने आया


पूरी तरह सुरक्षित ईवीएम
प्रदेश के 51 जिलों में बनाए गए स्ट्रांग रूम्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और डबल लॉकर में रखी गई हैं। उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में 11 दिसंबर को सुबह खोला जाएगा। स्ट्रांग रूम्स तीन परिधि में सुरक्षित हैं। पहली सुरक्षा स्पेशल फोर्स के हवाले है, दूसरी एसएएफ के जवान और तीसरी पुलिस के जवानों को लगाया गया है। 
-बीएल कांताराव, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र