ग्वालियर। शहर और दूसरे जिलों में यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू हुई स्मार्ट सिटी बस सेवा पर आचार संहिता भारी पड़ रही है। शहर में अभी दो रूटों पर दो बसें दौड़ रही हैं। एक रूट पर एक और बस बढ़ाना है, जबकि श्योपुर के लिए दो एसी बसें दौड़ाना हैं।बस ऑपरेटर ने तीन बसें खरीद ली हैं, लेकिन आचार संहिता के कारण परिवहन विभाग न उनका रजिस्ट्रेशन कर रहा न ही परमिट दिया जा रहा। बस ऑपरेटर ने अस्थायी परमिट की मांग की, लेकिन उसे भी फिलहाल पेंडिंग रखा गया है।

आचार संहिता के बाद भी लगेगा समय
सिटी बस सेवा योजना के तहत ग्वालियर शहर में (इन्ट्रा सिटी) 4 रूटों पर 16 नॉन एसी मिडीबस (39 सीटर) चलाना हैं। जबकि ग्वालियर से दूसरे शहरों की ओर (इन्टरसिटी) भी इतनी ही 45 सीटर एसी बसें। यह टेंडर ग्वालियर के नीरज ट्रेवल्स को मिला है। फर्म ने दीनदयाल नगर से इंदरगंज रूट पर दो बसें शुरू कर दी हैं और इतनी ही बसें ग्वालियर से गुना रूट पर चलाई हैं।

श्योपुर के लिए भी दो एसी बसें खरीद ली हैं। डीडी नगर से इंदरगंज तक के रूट पर अच्छा रिस्पांस मिलने पर ऑपरेटर ने एक बस और चलाने की तैयारी की है। यह बस भी रजिस्ट्रेशन व परमिट के इंतजार में है। यदि परिवहन विभाग ने आचार संहिता खत्म होते ही परमिट नहीं दिए तो बस सेवा और लटक जाएगी।
श्योपुर के लिए 2 तथा सिटी के लिए 1 बस खरीद ली है, लेकिन परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन नहीं कर रहा। शिवपुरी में भी बस का विरोध हो रहा है। प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है।

-सावंत सिंह, संचालक, नीरज ट्रेवल्स
आचार संहिता लागू है

आचार संहिता के कारण अभी हम बसों को परमिट नहीं दे रहे हैं। आचार संहिता खत्म होते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-रिंकू शर्मा, प्रभारी आरटीओ