नरेंद्र मोदी एप (नमो एप) ने भाजपा के 90 सांसदों की पोल खोल दी है। इनमें कुछ के क्षेत्र की जनता उनके कामकाज से खुश नहीं है, तो कुछ ऐसे हैं, जिनसे कार्यकर्ता भी नाराज हैं। इनमें दर्जन भर केंद्रीय मंत्री भी हैं जबकि सबसे ज्यादा सांसद यूपी के हैं।

आम जनता से राय मांगी

लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा एक-एक सांसद और हर लोकसभा क्षेत्र का फीडबैक जुटा रही है। इसी के तहत सरकार के चार साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के कामकाज पर नमो एप पर आम जनता से राय मांगी। पार्टी ने संगठन स्तर पर भी एक सर्वे कराया। इसमें संगठन मंत्रियों और स्थानीय पदाधिकारियों की राय ली गई। आईटी टीम ने भी विभिन्न तरीकों से संगठन, कार्यकर्ताओं और जनता की प्रतिक्रिया इकट्ठी की। इसमें भी इन सभी सांसदों का कामकाज ठीक नहीं पाया गया। 

सूरजकुंड में भी हुई थी समीक्षा

इस साल जून में सूरजकुंड में हुई संगठन मंत्रियों की बैठक में लोकसभा सीटों की समीक्षा की गई थी। इस बैठक में संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हुए थे। वहीं, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि आकलन का मतलब यह नहीं है कि इनका टिकट काटा जाएगा।

कुछ ऐसे थे सवाल

- क्या आप अपने सांसद और विधायक के कामकाज से संतुष्ट हैं? 

- आपके क्षेत्र के तीन सबसे लोकप्रिय भाजपा नेता कौन हैं? 

- आपके राज्य के तीन सबसे लोकप्रिय नेता कौन हैं? 

- आपके अनुसार सरकार की तीन सबसे लोकप्रिय योजनाएं कौन है? 

- पांच स्टार में अपने प्रदेश की सरकार के प्रदर्शन को कितने स्टार देंगे? 

- क्या आपको लगता है कि सरकार की गति व काम करने की क्षमता सुधरी है