लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही राममंदिर का शोर अब चौतरफा सुनाई पड़ने लगा है, फिर चाहे सत्तासीन पार्टी बीजेपी हो या फिर विपक्षी कांग्रेस, हर कोई इस मुद्दे पर जनता को अपनी तरफ करना चाहता है. ऐसे में बीजेपी से नाराज चल रही शिवसेना ने भी अपना पक्ष साफ कर दिया है. शिवसेना प्रवक्ता और सांसद संजय राउत के मुताबिक राम मंदिर ठाकरे साहब का सपना है. ऐसे में ये शिवसेना के लिए चुनावी मुद्दा हो ही नही सकता. राउत ने पिछले 25 साल का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर, शिवसेना ने कभी भी वोट के लिए 'राम' का सहारा नही लिया. राममंदिर शिवसेना के लिए वोट बैंक नही है. प्रवक्ता के मुताबिक जब भी यह चुनाव आता है चाहे विधानसभा उत्तर प्रदेश या लोकसभा हो तो यह मुद्दा बनाया जाता है और इसे जरिया बनाकर लोगों को ठगा जाता है. इशारों- इशारों में बीजेपी पर राम मंदिर को जुमला बनाने का भी आरोप लगाया. 

शिवसेना नेता का कहना है कि अभी तक एनडीए के पास बहुमत नहीं था लोकसभा और विधानसभा में,लेकिन केन्द्र और राज्य दोनों बहुमत में हैं. शिवसेना ने मोदी से मांग करते हुए कहा कि न्यायालय पर आरोप लगाने से बेहतर की अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का कार्य 2019 से पहले शुरू कर देना चाहिए.

संजय राउत ने बातों ही बातो में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे का ब्यौरा भी दिया. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे 24 को अयोध्या जाएंगे. अयोध्या में उद्धव ठाकरे का दौरा किसी राजनीतिक भावना से प्रेरित नही है. उद्धव छोटे छोटे कार्यक्रमों के तहत सबसे पहले वहां के अयोध्या के साधु संतों से मुलाकात करेंगे . बाद में सरयू नदी के किनारे जाकर के आरती करेंगे और 25 तारीख को रामलला का भी दर्शन करेंगे.राउत ने सरकार को चेताते हुए कहा कि मंदिर आपकी जिम्मेदारी है, न्यायालय की नहीं है, जनता ने राम मंदिर बनाने के लिए आप को वोट दिया है. गठबंधन के सवाल पर राउत ने जवाब देते हुए कहा कि शिवसेना बीजेपी के साथ चुनाव लड़ेगी या नहीं ये बाद की बात है. हालांकि जाते जाते राउत ने एक संकेत भी दिया कि 24- 25 को यात्रा खत्म होने के बाद सब साफ हो जाएगा.