अंबिकापुर । शुक्रवार 16 नवंबर को बड़े पर्दे पर बहुचर्चित फिल्म 'पीहू' रिलीज हो रही है। विनोद कापड़ी द्वारा निर्देशित फिल्म पीहू विश्व की पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें महज दो साल की बच्ची ने पीहू का किरदार निभाया है। यह बच्ची अंबिकापुर की मायरा विश्वकर्मा है। मायरा फिल्म रिलीज होने के अगले दिन 17 नवंबर को छह साल की हो जाएगी। सच्ची घटना पर आधारित फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है। अंबिकापुर के सिनेमाघरों में भी रिलीज होने के साथ फिल्म पीहू के प्रदर्शन की तैयारी की गई है।

संयुक्त परिवारों के विघटन और एकल परिवार संस्कृति में पति-पत्नी के बीच मनमुटाव से मासूमों पर पड़ने वाले असर को लेकर निर्मित फिल्म 'पीहू' की मुख्य भूमिका निभा रही मायरा अंबिकापुर की है। घर में उसे प्यार से हर कोई पीहू बुलाता है। इसी नाम को लेकर निर्देशक ने यह फिल्म तैयार कर दी है।
उसकी दादी डॉ. कुसुमलता विश्वकर्मा साइंस कॉलेज प्राचार्य हैं। मायरा के पिता रोहित व मां प्रेरणा लंबे समय से मीडिया, थियेटर व फिल्मों से जुड़े हैं। दीपावली पर पीहू अंबिकापुर आई थी। सामान्य बच्चों की तरह सभी के साथ हंसी-ठिठोली कर मासूमियत भरा चेहरा हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

मायरा को शायद पता ही नहीं कि इतनी छोटी उम्र में उसका शानदार अभिनय व मासूमियत ही दर्शकों का दिल जीतने के लिए काफी है। दो साल की बच्ची से एक्टिंग नहीं कराई जा सकती।
यह शायद फिल्म निर्माता, निर्देशक भी अच्छी तरह जानते थे। यही वजह है कि पीहू द्वारा उपयोग किए जाने वाले सारे घरेलू सामानों को साथ लेकर उन्होंने एक घर को ही फिल्म के सेट के रूप में विकसित किया और दिनचर्या से जुड़ी गतिविधियों को लेकर ही समाज को आइना दिखाने वाली फिल्म तैयार कर ली।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कमाया नाम
भारत में यह फिल्म शुक्रवार 16 नवंबर को रिलीज हो रही है। इसके पहले ही वेंकूवर, मुरक्को, इरान आदि देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टीवल में पीहू फिल्म ने कई इनाम जीते हैं। कम बजट में हाई कांसेप्ट वाली इस फिल्म में सरगुजा के लोग अंबिकापुर की मासूम बेटी मायरा विश्वकर्मा का शानदार अभिनय देख सकते हैं।

प्रोमो ही छा गया
आज रिलीज हो रही फिल्म पीहू का प्रोमो ही काफी पसंद किया जा चुका है। पांच करोड़ से अधिक लोग ढाई से तीन मिनट के इस फिल्म का प्रोमो देख चुके हैं। सोशल मीडिया पर उसे शेयर करने वाले नामचीन लोग रहे हैं। घर में अकेली बच्ची के भूख लगने पर दूध व खाने के लिए जतन करना, गैस बर्नर पर रोटी सेकना, खुद को फ्रीज में बंद करना जैसे सीन प्रोमो में हैं।

हरपल साथ रहे माता-पिता
मायरा के परिजनों की माने तो भले पीहू आज छह साल की होने जा रही है, लेकिन जब यह फिल्म बनी तो महज वह दो साल की थी। फिल्म के कई सीन एकबारगी आपको विचलित कर सकते हैं, लेकिन हरपल माता-पिता फिल्म की शूटिंग के दौरान मायरा के आसपास रहे। फिल्म से जुड़े सभी लोगों को मायरा से किसी ने किसी रिश्ते से जोड़ा गया, ताकि वह सहज रह सके।