ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को (बिना नाम लिए) खुली चुनौती दी कि, यदि उनमें हिम्मत है तो वे अपनी पार्टी के कर्ताधर्ताओं से पूछें कि,उनकी दादी को किस गुनाह में 19 महीने जेल में रखा गया। अगर वो निर्दोष थीं तो कांग्रेस ने ऐसा पाप क्यों किया? पीएम मोदी ने कांग्रेस में सीएम का चेहरा तय न होने पर भी तीखा तंज कसा, कहा कि पहले नाम तय कर लें, उसके बाद मैदान में आएं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार शाम 6 बजे यहां ग्वालियर व्यापार मेला मैदान पर चुनावी सभा लेने आए हुए थे। सभा में 20 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी, कार्यकर्ता व अन्य लोग सभा में मोदी को सुनने पहुंचे थे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।

शुक्रवार को मध्य प्रदेश में अपनी तीसरी सभा ग्वालियर में लेते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आक्रामक हमला बोला। कांग्रेस के 55 साल के कार्यकाल, प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल की बदहाली, मौजूदा अंतरद्वंद से लेकर परिवारवाद पर जमकर प्रहार किए। ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके बयान 'दादी के आगे-पीछे घूमने वालों की पार्टी पर बिना नाम लिए ही घेरा।
मोदी ने राजमाता को याद करते हुए कहा कि जब उनकी याद आती है तो आपातकाल को भूला नहीं जा सकता। मैं कांग्रेस और राजमाता के परिवार के उन लोगों से जो कांग्रेस में हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि वह कांग्रेस के कर्ताधर्ताओं से पहले यह पूछकर बताएं कि राजमाता को किस जुर्म में 19 महीने जेल में रखा गया। वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने हमेशा ही लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया।

प्रदेश में सीएम के 8 चेहरे
कांग्रेस की गुटबाजी को निशाने पर लेते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सीएम के लिए 8-8 चेहरे लेकर चल रही है। कांग्रेस वाले अभी भी इमरजेंसी के दिनों में जी रहे हैं। वास्तविकता यह है कि आप छिंदवाड़ा में जो बोलते हैं वो मंच से उतरने से पहले ग्वालियर वालों को पता चल जाता है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि, 'अगर हिम्मत है तो सीएम का नाम घोषित करके मैदान में उतरो। तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी का मुखिया प्रदेश में सिरमौर तय नहीं कर पा रहा, वो प्रदेश की जनता का भविष्य क्या तय कर पाएंगे?

मैं और मैं नहीं तो कोई नहीं
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, कांग्रेस की परंपरा रही है कि 'मैं, मैं नहीं तो कोई नहीं। यही एक सूत्र कांग्रेस का जीवन मंत्र रहा है। देश में मिली-जुली सरकारें बनीं, 2,4,6 महीने चलीं, लेकिन पीठ में छुरा घोंपकर गिरा दिया। कभी देश के अस्थिर होने की चिंता नहीं की। वास्तव में कांग्रेस एक परिवार के लिए जीती है। उन्हीं के लिए जूझती है। देश के भविष्य तक को दांव पर लगा देती है। इस मामले में उन्होंने जनता को जोड़ते हुए पूछा कि, क्या ऐसे लोगों को आप प्रदेश में फिर से दाखिल होने दोगे?

भाजपा ने बदले एमपी के मायने
कांग्रेस शासन प्रदेश की बदहाल सड़कों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब वह गुजरात से यहां आते थे, तो गाड़ी हिलने लगती थी। ड्रायवर कहता था कि अब मप्र आ गया। उन्होंने कहा कि मप्र की गिनती पहले बीमारू राज्यों में होती थी। अब एमपी के मायने हैं 'मैक्सिमम प्रोग्रेस।