नागपट्टिनम। चक्रवाती तूफान ने तमिलनाडू के तटीवर्ती इलाके नागपट्टिनम और वेदान्नियम के पास से गुजरने के चलते कम से कम ग्यारह लोगों की शुक्रवार को मौत हो गई है। जबकि, तूफान के रास्ते में आनेवाले कई घर तबाह हो गए और पेड़ जड़ से उखड़ गए। जिसके बाद हजारों लोग बिना बिजली के रहने अंधेरे में रहने को मजबूर है।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जो मौत सामने आई है उसकी वजह दीवार गिरने और बिजली बताई जा रही है। एपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, चक्रवाती तूफान के चलते दक्षिण भारत के तटवर्ती क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, जहां से करीब 80 हजार से भी ज्यादा लोगों को खाली कराया गया है।

भीषण चक्रवातीय तूफान 'गज शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु तट से गुजरा। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 120 किलो मीटर प्रतिघंटा थी।

तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों से 76,290 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। इन सभी को नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम और तिरूवरूर सहित छह जिलों में स्थापित 300 से ज्यादा राहत शिविरों में रखा गया है। नागपट्टिनम के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

राज्य के मंत्री एमसी संपत ने कहा- जिन लोगों ने अपने इस आपदा में अपनी जान गंवाई है उनके परिजनों को अनुग्रह राशि दी जाएगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है, ''गंभीर चक्रवातीय तूफान 'गज शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी तट से गुजरा.... इस दौरान हवा की गति 100-110 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच थी जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई।
मौसम विभाग के उपमहानिदेशक एस. बालाचन्द्रन ने पीटीआई-भाषा को बताया, ''हालांकि तूफान का केन्द्र जमीन के ऊपर है लेकिन उसका कुछ हिस्सा समुद्र के ऊपर भी है। इसके पूरी तरह जमीन पर आने में करीब एक घंटे का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि तूफान को तटीय क्षेत्र से पूरी तरह गुजरने में करीब और दो घंटे का वक्त लगेगा।

मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवातीय तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले छह घंटे में कमजोर पड़ने की संभावना है। इस दौरान नागपट्टिनम, तिरूवरूर और तंजावुर में भारी बारिश हुई। कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए। चक्रवात के मद्देनजर यहां और तटवर्ती क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार टीमें पहले से ही नागपट्टिनम में मौजूद हैं जबकि राज्य आपदा मोचन बल की दो टीमों को कडलूर में तैनात किया गया है।