नई दिल्ली: जेट एयरवेज खरीदने को लेकर टाटा ग्रुप का बड़ा प्लान है. जेट एयरवेज को खरीदने को लेकर टाटा ग्रुप तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है और लगातार बातचीत का दौर जारी है. संभावित डील से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्लान के तहत टाटा ग्रुप पहले जेट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है. जेट एयरवेज का टाटा सिंगापुर एयरलाइन्स - विस्तारा एयरलाइन्स में विलय करने पर विचार कर रहा है. 

सूत्रों के मुताबिक डील के तहत टाटा जेट के मौजूदा सबसे बड़े प्रोमोटर नरेश गोयल की पूरी हिस्सेदारी खरीद सकती है या फिर जेट एयरवेज के मौजूदा सबसे बड़े प्रमोटर नरेश गोयल का स्टेक नाम मात्र रह जाएगा. साथ ही टाटा जेट का पूरा प्रबंधकीय नियंत्रण अपने हाथ मे रखेगी. आपको बता दें कि गिल्हाल जेट एयरवेज में प्रमोटर नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनिता गोयल की हिस्सेदारी 51% है जबकि 24% हिस्सेदारी के साथ एतिहाद एयरलाइन्स माइनॉरिटी हिस्सेदारी के रूप में मौजूद रह सकता है. 

सूत्रों के मुताबिक, यदि एतिहाद एयरलाइन्स अपने हिस्सेदारी बेच कर निकलना चाहेता है तो उसके लिए भी टाटा तैयार है. दरअसल टाटा ग्रुप, जेट एयरवेज की एविएशन सेक्टर में ताकत और सकारात्मक पहलुओं पर नज़र बनाए हुए है. टाटा की सबसे ज़्यादा दिलचस्पी जेट एयरवेज के 124 हवाई जहाज़ के बेड़े, देश दुनिया के अहम एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग राइट्स, फ्लाइंग स्लॉट्स, रूट और विशालकाय इंफ्रास्ट्रक्चर पर है. जेट एयरवेज जो फिलहाल ज़बरदस्त आर्थिक संकट से गुज़र रहा है, लगातार हर तिमाही में घटा दिख रहा है. उसको इस संकट की फड़ी में टाटा की उम्मीद के तौर पर नज़र आ रहा है. सूत्रों की माने तो टाटा ग्रुप एविएशन में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने और विस्तार देने की स्ट्रेटेजी के तहत पहले एयर इंडिया को खरीदने और अब जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कदम बढ़ा रहा है.