नई दिल्ली। हरियाणा के चौटाला परिवार और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में मचा अंदरूनी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाल और उनके भाई युवा नेता दिग्विजय चौटाला को अनुशासनहीनता का दोषी पाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए जाने के बाद अब इनके पिता और ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला को भी पार्टी से निलंबित किए जाने की खबर है।
जानकारी के अनुसार, इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने अभय चौटाला की मौजूदगी में अजय चौटाला को पार्टी से निलंबित किए जाने का एलान किया। अरोड़ा ने इसे इनेलो सुप्रीमो और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का फैसला बताते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ ओपी चौटाला का पत्र पढ़कर सुनाया है।
बता दें कि अजय चौटाला ने 17 नवंबर को जींद में पार्टी सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाई थी जिसमें आगे की रणनीति पर कोई फैसला होना था, लेकिन बैठक से पहले ही अजय चौटाला को इस तरह पार्टी से निलंबित किया जाना सबको हैरान कर रहा है। 
ज्ञात हो कि बीते दिनों हिसार से सांसद और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से निष्कासित नेता दुष्यंत चौटाला ने दावा किया था कि वह अब भी पार्टी में हैं और निष्कासन को लेकर पार्टी की ओर से उन्हें अभी तक इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला द्वारा हस्ताक्षित कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। दुष्यंत चौटाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके निष्कासन को अनुचित और असंवैधानिक बताया और कहा कि इसमें पार्टी संविधान में वर्णित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 
इनेलो सांसद ने कहा कि ओम प्रकाश चौटाला ही उनके नेता हैं। वह पहले भी उनके नेतृत्व में काम करते रहे हैं और अब भी कर रहे हैं तथा आगे भी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि निष्कासन की कार्रवाई ओम प्रकाश चौटाला की ओर से नहीं की गई बल्कि इसकी साजिश कहीं और से रची गई। उन्होंने कहा कि चौटाला अगर उन्हें लिखित में दे देंगे तो वह पार्टी से बाहर चले जाएंगे तथा इसे कहीं चुनौती नहीं देंगे। लेकिन यह साजिश कहीं और से रची गई है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन्होंने भी उनके खिलाफ चक्रव्यूह रचा है वह पार्टी कार्यकर्ताओं की ताकत से उसे अवश्य तोड़ कर रहेंगे।