बिलासपुर: नोटबंदी पर सवाल खड़े करने पर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उन्हें जमानत पर चल रहे ‘मां-बेटे’ से ‘ईमानदारी के प्रमाणपत्र’ की जरूरत नहीं है. कांग्रेस, इसके अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्षी दल की ‘राजनीति एक परिवार से शुरू होकर उसी पर खत्म हो जाती है.’

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को प्रस्तावित दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले यहां आयोजित एक चुनावी जनसभा में पीएम मोदी ने विकास की मजबूती से वकालत की. पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार की तुलना में कांग्रेस सरकार के समय विकास की रफ्तार ‘बहुत धीमी’ थी.

'मां-बेटे रुपयों की हेराफेरी के लिए जमानत पर घूम रहे हैं' 
नोटबंदी का हिसाब मांगने पर राहुल-सोनिया पर सीधा निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने सवाल किया,‘जो मां-बेटे रुपयों की हेराफेरी के लिए जमानत पर घूम रहे हैं क्या वे उन्हें ईमानदारी का प्रमाणपत्र बांटेंगे?’
उन्होंने गांधी परिवार के किसी सदस्य का नाम लिए बिना कहा,‘वे नोटबंदी का हिसाब मांगते हैं. नोटबंदी के कारण फर्जी कंपनियों की पहचान हुई. और इसके कारण आपको जमानत मांगनी पड़ी. आप यह क्यों भूल जाते हैं कि नोटबंदी के कारण आपको जमानत मांगनी पड़ी.’ गौरतलब है कि मोदी ने आठ नवंबर 2016 को बड़े नोटों के चलन पर पाबंदी लगा दी थी.

पीएम मोदी की टिप्पणियां दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में दिसंबर 2015 में राहुल और सोनिया को जमानत देने के परोक्ष संदर्भ में की गईं. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने पीएम मोदी की जमानत संबंधी टिप्पणियों को नामंजूर किया और कहा कि प्रधानमंत्री को अपने पद की गरिमा नहीं गिरानी चाहिए.

पीएम मोदी ने साधा कांग्रेस पर निशाना 
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए पीएम मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1985 की इस टिप्पणी का भी जिक्र किया कि एक रुपये में से केवल 15 पैसे गरीबों के कल्याण के लिए पहुंचते हैं. पीएम मोदी ने सवाल किया कि वह कौन सा ‘पंजा’ था जो बाकी के 85 पैसे को मार लेता था. राजीव गांधी की टिप्पणी के संदर्भ में मोदी ने कहा कि नोटबंदी भ्रष्टाचार के कारण ‘गायब होने वाले 85 पैसे वापस लेकर आई.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को कभी ऐसा नेतृत्व नहीं मिला जिसने ‘राष्ट्र के कल्याण के लिए जीने या मरने के’ संकल्प के साथ काम किया हो. उन्होंने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ अब भी राहुल गांधी नीत पार्टी द्वारा शासित होता, तो हो सकता है कि इस राज्य को विकास के वर्तमान स्तर तक पहुंचने में 50 साल लग जाते. उन्होंने कहा,‘और इसका कारण है. उनकी राजनीति एक परिवार से शुरू होकर उसी पर खत्म हो जाती है, जबकि हमारी राजनीति गरीबों की झोपड़ियों से शुरू होती है.’

पीएम मोदी ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि वे विकास कार्यों के लिए धन कहां से लाते हैं. उन्होंने कहा,‘यह (धन) बिल्कुल उपलब्ध है.’ उन्होंने कहा,‘धन आपका है. पहले यह किसी के पलंग, अलमारियों में छिपा था. नोटबंदी की घोषणा के बाद यह सब बाहर आ गया.’

कांग्रेस का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि इसके नेताओं का जनता की आकांक्षाओं से ‘जुड़ाव नहीं’ रह गया है. उन्होंने कहा,‘इसलिए, वे (कांग्रेस नेता) नारे देंगे, लेकिन उनके पास इन्हें पूरा करने की नीतियां और मंशा नहीं है. ना ही कांग्रेस के पास ऐसा नेतृत्व है जो राष्ट्र के कल्याण के लिए जीने या मरने के संकल्प के साथ काम करे.’

पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ चुनावों के लिए अपना 36 सूत्री घोषणापत्र जारी किया तो ‘नामदार’ (राहुल गांधी) का ‘सर’ के रूप में 150 बार जिक्र किया गया जो दिखाता है कि उनके लिए (कांग्रेस) वह छत्तीसगढ़ से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

मोदी ने कहा कि भाजपा विकास के साथ खड़ी होती है और इसकी प्रतिबद्धता के कारण विपक्ष यह नहीं समझ पा रहा है कि चुनावों में सत्तारूढ़ दल का मुकाबला कैसे किया जाए.