प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रशंसकों को यह तय करने दीजिए कि यह सर्वश्रेष्ठ टीम है या नहीं. इंग्लैंड में भारतीय क्रिकेट टीम की खराब प्रदर्शन के बाद आलोचनाओं के बीच शास्त्री ने कहा था कि विदेशों में अच्छा प्रदर्शन के मामले में यह पिछले 15 वर्षों की यह सर्वश्रेष्ठ टीम है.
हैदराबाद में हाल में टीम प्रबंधन और सीओए की बैठक में रवि शास्त्री ने एक बार फिर अपनी बातों को दोहराते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में विदेशों में प्रदर्शन के मामले में यह सर्वश्रेष्ठ टीम है, जिस पर पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और सौरव गांगुली ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.  बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘शास्त्री ने कहा कि भारतीय मीडिया हमेशा अपने खिलाड़ियों की आलोचना करता है, लेकिन यह टीम पिछले 15 वर्षों में विदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम है,’ 
शास्त्री उस बात पर अपना पक्ष रख रहे थे जिसमें इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में 1-4 से हार के बाद कोहली पत्रकार के सवाल पर भड़क गए थे. कोहली से जब एक पत्रकार कहा कि क्या वह कोच के विचारों से सहमत नहीं है, तो उन्होंने उसे जवाब दिया, ‘यह आपके विचार है, शुक्रिया.’ अधिकारी ने कहा, ‘शास्त्री जब टीम की तारीफ कर रहे थे तभी एक सीओए सदस्य ने उन्हें बीच में रोक दिया.’ उन्होंने बताया, ‘सीओए सदस्य ने उन्हें कहा कि इस बैठक के विषय पर लौटिए और आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे की नीतियों पर चर्चा करिए. आप यह फैसला नहीं कर सकते कि यह विदेशों में प्रदर्शन के मामले में यह सर्वश्रेष्ठ टीम है या नहीं. लोगों को फैसला करने दीजिए.
शास्त्री और कोहली को कहा गया कि भारतीय टीम को हर जरूरी सुविधा दी जा रही है और मैदान में उसके प्रदर्शन में यह नजर आना चाहिए. अधिकारी ने कहा, ‘बैठक में एक सीनियर सदस्य ने शास्त्री-कोहली से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि टीम विदेशों में अच्छा प्रदर्शन करे और इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है.’ उन्होंने बताया, ‘बीसीसीआई अधिकारी ने उन्हें कहा कि आपको सब कुछ मुहैया कराई जा रही है. केंद्रीय अनुबंध, अभ्यास की सुविधा और आप जो कुछ भी चाहते हैं, इसलिए यह न्यायोचित है कि आपके प्रदर्शन का आकलन किया जाए.’ 
उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही गैरजिम्मेदराना बयान है. उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. उन्हें यह समझना चाहिए कि वह भारतीय प्रशंसकों के कारण ही कमाई कर रहे हैं.’ सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘यह टिप्पणी उन्होंने निजी मंच या व्यापारिक पहल पर की है. उन्होंने बीसीसीआई के मंच का इस्तेमाल नहीं किया.’