छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान 12 नवंबर को होने हैं. पहले चरण में बस्तर संभाग की सभी 12 और राजनांदगांव जिले की 6 सीटें शामिल हैं. चुनाव के लिये प्रमुख दलों के अलावा कई ऐसे भी दल हैं, जो अपनी जिदंगी भर की गाढ़ी कमाई खर्च कर चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं. जगदलपुर विधनासभा की सीट बहुत ही महत्वपूर्ण सीट मानी जा रही है. पिछले 15 सालों से यहां भाजपा के विधायक का कब्जा बना है. इस बार कांग्रेस ने भी इस सीट पर जीत हासिल करने के लिये कमर कस ली है. भाजपा कांग्रेस के अलावा कई ऐसे भी चेहरे हैं, जो पहली बार इस चुनाव में उतरे हैं.

जगदलपुर विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उतरे शिवसेना के कारिया दीवान, जो शासकीय विभाग में 38 साल की सेवा देने के बाद अब जनता की सेवा करने की बात कह रहे हैं. रिटारयर होने के बाद मिली राशि से चुनाव मैदान में हैं. निर्दलीय प्रत्याशी कारिया दीवान ने बताया कि पंचायत इस्पेंक्टर के पद पर 38 साल नौकरी करने के दौरान उनका सामना विधायकों से होता था, जो जन कल्याण योजनायें जनता के लिये होती थीं, वो पूरी नहीं की जाती थी.

करिया दीवान का आरोप है कि विधायकों द्वारा जनता को केवल बेवकूफ ही बनाया जाता रहा है. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद चुनाव लड़ने की इच्छा परिवार वालों से जाहिर की, लेकिन उनको परिवार वालों ने समझाया कि यह काम उनका नही हैं. लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी अपने परिवार वालों को अनसूना करते हुये अपनी जिदंगी भर की गाढ़ी कमाई खर्च कर जनता से वोट मांग रहे हैं. चुनाव मैदान में उतरने के फैसले का विरोध खुद उनकी धर्मपत्नी ने किया था.