छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पहले चरण की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को होना मतदान होना है. इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग और पुलिस फोर्स ने अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया है. पहले चरण के चुनाव के लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त साढ़े छह सौ पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को बुलाया गया है. इसके अलावा बस्तर में पहले से तैनात सुरक्षा बल और जिला पुलिस के जवान तैनात रहेंगे.

12 नवंबर को पहले चरण के लिए मतदान बस्तर संभाग की 12 और राजनांदगांव जिले की 6 विधानसभा सीटों साथ कुल 18 सीटों के लिए होना है. विधानसभा का चुनाव निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए पुलिस फोर्स तैयार है. माओवादी अपने गढ़ में लगातार चुनाव बहिष्कार करने की धमकी दे रहे हैं, जिसके लिए एंटी नक्सल आॅपरेशन के स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिस तरह से माओवादियों द्वारा घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, उसको देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए.
डीएम अवस्थी का कहना है कि पुलिस को लगातर माओवादियों की गतिविधियों से संबंधित इंटेलिजेंस इंनपुट्स मिल रहे हैं, जिसको लेकर हम अलर्ट हैं. माओवाद प्रभावित जिलों में पहले चरण के चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने पैरामिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है. सूबे में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए और माओवादियों से लोहा लेने के लिए पहले चरण के लिए केन्द्र से साढ़े छह सौ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया गया हैं. इसके अलावा माओवादी इलाकों में नक्सल आॅपरेशन भी चलाए जा रहे हैं. लगातार माओवादियों के इलाकों में पुलिस को कामयाबी भी मिल रही है.