नई दिल्ली: आज (8 नवंबर) नोटबंदी (Demonetisation) के दो साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने ट्वीट कर नोटबंदी के फैसले को गलत ठहराया है. ममता ने ट्वीट में लिखा है. 'नोटबंदी आपदा की आज दूसरी सालगिरह है. इसे लागू करने के वक्त मैंने इसके दुष्परिणाम बताए थे, अब प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, आम लोग और विशेषज्ञ भी मेरी कही बातों पर सहमति जता रहे हैं.' पश्चिम बंगाल की सीएम ने अपने इस ट्वीट के साथ #DarkDay लिखा है, जो ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है. अगले ट्वीट में ममता ने लिखा, 'सरकार ने देश को धोखा देकर नोटबंदी घोटाला किया था. इसने अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों के जीवन को बर्बाद कर दिया था. जिन्होंने ऐसा किया था, जनता उन्हें दंडित करेगी.'

वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने नोटबंदी की सालगिरह पर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. कांग्रेस ने कहा कि नोटबंदी के दो साल होने पर वह शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी. पार्टी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को बर्बाद और तहस-नहस करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दो साल पहले नोटबंदी के तुगलकी फरमान से देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह करने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे.
तिवारी ने कहा कि दो साल पहले आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तकरीबन 16.99 लाख करोड़ रूपये मूल्य की मुद्रा को चलन से बाहर कर दिया. उस तुगलकी फरमान के लिए तीन कारण दिए गए थे कि इससे काले धन पर रोक लगेगी, जाली मुद्रा बाहर होगी और आतंकवाद को वित्तीय सहायता मिलनी बंद हो जाएगी लेकिन दो साल बाद इनमें से कोई लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया.
तिवारी ने कहा कि आज भारतीय अर्थव्यवस्था में आठ नवंबर 2016 की तुलना में चलन में ज्यादा नकदी है. कांग्रेस आठ नवंबर 2018 को मांग करेगी कि भारतीय अर्थव्यस्था को बर्बाद तथा तहस-नहस करने के लिए प्रधानमंत्री को देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे, उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे.

मालूम हो कि साल 2016 में आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने टीवी चैनलों और रेडियो के माध्यम से ऐलान किया था कि उसी वक्त से 500 और 1000 रुपए के नोट चलने से बाहर हो जाएंगे. उनकी जगह नए नोट लाए जाएंगे. इसके बाद देशभर में पुराने नोटों को बैंकों में जमा कराने की अफरातफरी मच गई थी. 

सरकार को अनुमान था कि इस फैसले के जरिए देश का काला धन सामने आ जाएगा. हालांकि आरबीआई के आकंड़े मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था कि नोटबंदी का सीधा असर जीडीपी पर पड़ेगा, जो बाद के दिनों में सही साबित हुआ था.