बेंगलुरू: क्रिकेट लीजेंज ब्रायन लारा के लिए मूव करती या उछाल लेती गेंद कभी चिंता का विषय नहीं रही, लेकिन अपने जमाने के विस्फोटक बल्लेबाज के लिए गोल्फ की छोटी सी गेंद किसी सिरदर्द से कम नहीं है. लारा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा, ‘‘हां, गोल्फ अजीब खेल है. मैं क्रिकेट की मूव करती या उछाल लेती गेंदों को खेलने में सक्षम हूं लेकिन इस छोटी सी गेंद ने शुरुआती वर्षों में मेरे लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं थी लेकिन इसने मुझे सिखाया कि गेंद पर नियंत्रण रखने के लिए कैसे अनुशासित होना है.’’ 

ब्रायन लारा ने 1994 में गोल्फ में हाथ आजमाना शुरू किया और उन्होंने वेस्टइंडीज में खिताब भी जीते हैं. जिन क्रिकेटरों ने गोल्फ में हाथ आजमाए उनके बारे में लारा ने कहा कि कपिल देव और जैक कैलिस का गोल्फ के प्रति प्यार जगजाहिर है जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में एक है. ब्रायन लारा ने कहा, ''हमने जैक कैलिस और कपिल देव के बारे में सुना है लेकिन मैंने रिकी पोंटिंग को सर्वश्रेष्ठ पाया. उनकी पुटिंग थोड़ी बेहतर है और इस मामले में वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं.'' उन्होंने अमेरिका के एक टूर्नामेंट में कपिल के साथ गोल्फ खेलने के अनुभव के बारे में भी बताया. 

लारा ने कहा, ''हम अमेरिका में एक टूर्नामेंट में खेल रहे थे. मेरा सामना अमेरिका के एमेच्योर से था. उसने मुझे हरा दिया. इसके बाद मैं कपिल के पास गया और मैंने कहा कि यह अमेरिकी खिलाड़ी अविश्वसनीय है.'' उन्होंने कहा, ''कपिल देव ने मजाक उड़ाया और उसके खिलाफ खेलने के लिए चला गया. उन्होंने वापस लौटकर मुझे बताया कि उन्होंने अमेरिकी खिलाड़ी को हरा दिया है. वह कपिल था एक मंझा हुआ गोल्फर.'' 

विराट कोहली को बताया असाधारण बल्लेबाज 
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बारे में बात करते हुए लारा ने कहा, "उन्होंने आज के दौर में जो भी किया है, वह असाधारण है. इसमें रन बनाने की गति, फिटनेस का ध्यान रखना और खेल से संबंधित सभी चीजों को महत्व देना शामिल है. वे बल्लेबाजी के दौरान कभी थके हुए नहीं लगते. हर मैच को अलग तरह से अपनाते हैं. मौजूदा समय में वे इस खेल के नेतृत्वकर्ता हैं."

पृथ्वी शॉ की भी की तारीफ
ब्रायन लारा ने पृथ्वी शॉ की भी तारीफ की है. उन्होंने कहा कि पृथ्वी मानसिक रूप से मजबूत है. यह किसी भी क्रिकेटर के लिए बहुत जरूरी होता है. मानसिक तौर पर मजबूत खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में अपनी तकनीक को फिट कर लेता है. पृथ्वी में यह कला है. किसी भी युवा खिलाड़ी को सबसे पहले अपने मन से यही डर निकालना चाहिए. उन्होंने कहा, "पृथ्वी को मैंने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते देखा. सभी गेंदबाज 140 से ज्यादा की तेजी से गेंदें फेंक रहे थे, लेकिन उसने बेहतरीन बल्लेबाजी की. अगर वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि पृथ्वी भविष्य में बेहतर नहीं खेलेगा."