लखनऊ : पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी कर रहे अटल इकाना स्टेडियम में मंगलवार (6 नवंबर) की शाम कमेंट्री बाक्स के दरवाजे का शीशा मैच शुरू होने से पांच मिनट पहले अचानक टूट गया और क्रिकेट से कमेंटेटर बने सुनील गावस्कर और संजय मांजरेकर उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए. भारत और वेस्टइंडीज के बीच लखनऊ में दूसरा टी-20 मैच खेला जा रहा था. 
मीडिया सेंटर के बगल में स्थित कमेंट्री बाक्स से शाम 6 बज कर 55 मिनट पर जोरदार धमाके की आवाज सुनकर मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो देखा कि दरवाजे का शीशा टूटा पड़ा था और संजय मांजरेकर दूर खड़े थे. मांजरेकर ने बाद में बताया कि वह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई है. 
मांजरेकर ने कहा, ''कांच का एक दरवाजा ताश की पत्तों की तरह बिखर गया, लेकिन किसी को चोट नहीं आई. सभी सुरक्षित है.'' मीडिया सेंटर में भी असुविधाओं के कारण पत्रकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. 
भारत ने वेस्टइंडीज को 71 रन से हराया
रोहित शर्मा (नाबाद 111) के शतक के बाद अपने गेंदबाजों की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने दूसरे मैच में वेस्टइंडीज को 71 रनों से हराकर तीन टी-20 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच की मेजबानी कर रहे भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया और फिर वेस्टइंडीज को निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट पर 124 रन पर समेट दिया. वेस्टइंडीज के लिए डेरेन ब्रावो ने सर्वाधिक 23, कीमो पॉल ने 20, शिमरोन हेटमायर ने 15 और कप्तान कार्लोस ब्रैथवेट ने नाबाद 15 रन बनाए. भारत के लिए खलील अहमद, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट लिए.
24 साल बाद 'नवाबों के शहर' लौटा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट
'नवाबों के शहर' नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 साल के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई है और यह वापसी कई लिहाज से अहम है. अंतिम बार 1994 में इस खूबसूरत शहर में अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला गया था. श्रीलंकाई टीम भारत दौरे पर आई थी और इस दौरे का पहला टेस्ट मैच यहां के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हुआ था. अब यह शहर पहली बार भारत तथा वेस्टइंडीज के बीच टी-20 मैच की मेजबानी कर रहा था.वह मैच भारत ने एक पारी और 119 रनों से जीता था. भारत ने उस मैच में अपनी पहली पारी में 511 रन बनाए थे. भारत के लिए नवजोत सिंह सिद्धू (124) और सचिन तेंदुलकर (142) ने शतक लगाए थे. संजय मांजरेकर (61) ने अर्धशतक जड़ा था. श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने पांच भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन लौटाया था.
इसके बाद अनिल कुम्बले (69-4) के नेतृत्व में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका की पहली पारी 218 रनों पर समेट दी थी. श्रीलंका की ओर से रौशन महानामा ने सर्वाधिक 73 रन बनाए थे. फालोऑन खेल रही श्रीलंकाई टीम 59 रन देकर सात विकेट लेने वाले कुम्बले के आगे बेबस नजर आई और दूसरी पारी में 174 रन बनाकर आउट हो गई. कुंबले 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए थे.
इसके बाद उत्तर प्रदेश में कई अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले हुए लेकिन लखनऊ में नहीं बल्कि कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में. अब लखनऊ भारत के 52वें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजन स्थल के रूप में क्रिकेट के नक्शे पर जगह पा चुका है. इकाना में बने 50 हजार की क्षमता वाले स्टेडियम का नामकरण भारत रत्न से नवाजे जा चुके भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया गया है. वाजपेयी लखनऊ से लोकसभा चुना लड़ा करते थे. लखनऊ की भवन निर्माण कला से मेल खाती इस स्टेडियम की बाहरी छवि काफी लुभावनी है. अंदर से भी यह काफी सुंदर और भव्य है. इसमें पुरातन के साथ-साथ आधुनिक भवन निर्माण कला का उपयोग हुआ है. 
खास बात यह है कि इस स्टेडियम के स्टैंड्स में कोई भी पिलर नहीं है. इस कारण दर्शकों को खेल देखने मे किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं होगी. इसका ड्रेनेज सिस्टम आत्याधुनिक है और इसमें कुल आठ पिचें हैं. चार पिचों का निर्माण ओडिशा की काली मिट्टी और चार का दक्षिण की लाल मिट्टी से किया गया है.