कुबेर देवता की पूजा धन-धान्य की प्राप्ति के लिए की जाती है। मां लक्ष्मी धन की देवी है लेकिन कुबेर देवता सभी देवताओं को कोषाध्यक्ष हैं। इसलिए लक्ष्मी और गणेशजी के साथ ही कुबेरजी की पूजा भी की जाती है। आइए, जानते हैं कुबेर जी की पूजा की विधि और पूजा मंत्र…
श्रीगणपति और मां लक्ष्मी की पूजा के बाद कुबरेजी की पूजा के लिए आपको अपनी तिजोरी में धनकुबेर की मूर्ति विराजित कर पूजा करनी चाहिए।
यदि संभव हो तो शुद्ध धातु जैसे पीतल, तांबा, कांसा की थाली या प्लेट लें। इसमें मिट्टी के तेरह दीपक जलाएं। अब धनकुबेर पर तीन बार गंगाजल से छींटे देते हुए प्रणाम करें। फिर रोली और अक्षत के साथ लाल पुष्प अर्पित करें।

अब 13 दीपकों की थाली से आरती उतारते हुए इस मंत्र द्वारा कुबेर देवता का ध्यान करें…
यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये, 
धन-धान्य समृद्धि में देहि दापय स्वाहा।।

मां काली की पूजा विधि

इस तरह कुबेर देवता की पूजा के बाद माता भगवती की पूजा करनी चाहिए। माता काली की पूजा के लिए सात प्रकार के अनाज, गेहूं ,चावल, चना, जौ, उड़द, मूंग, मसूर मां काली को अर्पित करें। दिवाली पर पूजन के समय भगवान को भोग लगाने के लिए सफेद मिठाई का ही प्रयोग करना चाहिए।