छत्तीसगढ़ में मुंगेली जिले की मुंगेली और लोरमी दोनों विधानसभा सीटों से नाम वापसी के बाद नए समीकरण बनने लगे हैं. मुंगेली सीट पर अब कुल 10 प्रत्याशी और लोरमी सीट पर 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है.

मुंगेली में बागी प्रत्याशी नहीं होने से कांग्रेस-बीजेपी में सीधी टक्कर दिख रही है. हालांकि यहां जोगी कांग्रेस के चंद्रभान बारमते कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब हो सकते हैं. बात अगर लोरमी सीट की करें तो यहां कांग्रेस के बागी प्रत्याशी सागर सिंह के नाम वापसी के बाद कांग्रेस और जोगी कांग्रेस दोनों दलों ने राहत की सांस ली है. क्योंकि सागर सिंह निश्चित रूप से कांग्रेस और जोगी कांग्रेस के वोट बैंक को डैमेज करते. वहीं टिकट कटने से नाराज कांग्रेस नेता सागर सिंह ने काफी मान-मनौव्वल के बाद अपना नाम वापस ले लिया है, जिसके बाद जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी धर्मजीत सिंह काफी खुश हैं.

दरअसल, कांग्रेस से कहीं ज्यादा फायदा जोगी कांग्रेस को होगा, ऐसा जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी धर्मजीत सिंह मानते हैं. धर्मजीत सिंह लोरमी से 3 बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. धर्मजीत सिंह का मानना है कि इससे उनके जीतने की संभावनाएं बढ़ गईं हैं.

वहीं लोरमी सीट से खड़े बीजेपी प्रत्याशी तोखन साहू के लिए भी राहत की खबर है कि बीजेपी के बागी प्रत्याशी रामफल साहू और कोमल साहू ने भी अपना नामांकन वापस लेकर बीजेपी के तोखन साहू को समर्थन दिया है. इस पर सांसद लखनलाल साहू ने कहा कि लोरमी सीट बीजेपी जरूर जीतेगी.

बहरहाल, किसने किसे मनाया किसने किसका नामांकन किन शर्तों पर दिलाया पूरे दिन लोगों की नजरें इन पर ही टिकी रहीं. निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद इन नेताओं में अभी खुशी जरूर दिख रही है, लेकिन ये तो चुनाव नतीजे ही बताएंगे कि किसकी जीत होती है और किसकी हार.