मध्य प्रदेश में टिकटों के वितरण को लेकर बीजेपी में मंथन का दौर जारी है. पहली सूची में 177 नामों के ऐलान के बाद भी बीजेपी अभी कई महत्वपूर्ण जगहों पर प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी नहीं कर पाई है. इंदौर उन्हीं जगहों में से एक है. इसी बीच इंदौर के दिग्गज बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने टिकट वितरण में बेटे को टिकट मिलने और परिवारवाद के सवाल पर कहा कि इसे परिवारवाद नही कहा जा सकता, यदि प्रत्याशी योग्य है तो उससे मौका मिलना चाहिए.

दरअसल, बताया जा रहा है कि बीजेपी इंदौर में प्रत्याशियों का ऐलान इसलिए नहीं कर पा रही है क्योंकि वहां कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश के लिए टिकट मांग रहे हैं जबकि दूसरी ओर लोकसभा अध्यक्ष अपने बेटे मंदार महाजन के लिए टिकट मांग रही हैं. इसी के चलते इंदौर से बीजेपी टिकट की घोषणा नहीं कर पाई.

इसके अलावा इंदौर में गौड़ परिवार का भी दबदबा रहा है. इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार से महापौर मालिनी गौड़ मौजूदा विधायक है. पिछले पांच चुनावों से इस सीट पर गौड़ परिवार काबिज है. कभी कांग्रेस के वर्चस्व वाली इस सीट पर सबसे पहले अयोध्या आंदोलन के दौरान भाजपा के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सेंध लगाई थी. विजयवर्गीय ने अपने परंपरागत इलाके विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो को छोड़कर शहर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित इस सीट पर पहली बार भगवा लहराया था.
वहीं इससे पहले मंगलवार को कैलाश विजयवर्गीय इंदौर स्थित अपनी पुश्तैनी दुकान पहुंचे हैं. वे केशव किराना स्टोर पर सामान बेच रहे हैं. कैलाश हर साल धनतेरस पर ऐसा करते हैं. उनकी दुकान से सामान खरीदने लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैं.