मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर को लेकर बीजेपी पर हमला किया है. दिग्गी राजा ने राम मंदिर को लेकर आ रहे बीजेपी नेताओं के बयानों को लेकर यूपी की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि बीजेपी को भगवान राम की याद चुनाव के दिनों में ही आती है. दिग्विजय सिंह ने ये बात बीजेपी के कई नेताओं द्वारा अयोध्या में राम मंदिर को लेकर दिए बयानों के बाद कही है. 

दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मोदी सरकार हर मोर्चे पर असफल रही है, बीजेपी और उसकी सरकार मुख्यत: मोदी जी फेल हुए है. उनको भगवान राम की याद चुनाव के समय ही आती है. राम मंदिर बनाने में कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन राम का मंदिर विवादित भूमि पर क्यों बनाना चाहते हैं? अगर आप राम का मंदिर विवादित स्थल पर चाहते हैं तो आपको कोर्ट के आदेश को मानना पड़ेगा '
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (4 नवंबर) को कहा था कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर बनेगा और इस बाबत देश के सभी ‘राम भक्तों’ को खुशखबरी का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सीएम योगी ने कहा कि छह नवंबर को दिवाली मनाने के लिए दक्षिण कोरिया का एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या पहुंच रहा है और भगवान राम की जन्मस्थली में बड़े पैमाने पर दिवाली मनाई जाएगी.

स्थानीय पतंजलि योगपीठ में दो दिवसीय ज्ञानकुंभ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि देश के राम भक्तों को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी खुशखबरी के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने सभी से अपील की कि वे भगवान राम के नाम पर एक दीया जलाएं.

वहीं रविवार (4 नवंबर) को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा था कि हिंदू दुनिया में ‘सर्वाधिक सहिष्णु’ लोग हैं लेकिन अयोध्या में राममंदिर की परिधि में मस्जिद निर्माण की बात उन्हें ‘‘असहिष्णु’’ बना सकती है. उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘हिंदू विश्व में सबसे सहिष्णु लोग हैं. मैं सभी राजनीतिज्ञों से अपील करती हूं, कृपया अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान के बाहरी दायरे में एक मस्जिद निर्माण की बात करके उन्हें असहिष्णु न बनायें.’

उन्होंने कहा था कि जब पवित्र मदीना नगर में एक भी मंदिर नहीं हो सकता या वेटिकन सिटी में एक भी मस्जिद नहीं हो सकती तो अयोध्या में किसी मस्जिद की बात करना ‘अनुचित’ होगा. 

बता दें कि रविवार (4 नवंबर) को हिंदू संतों के शीर्ष संगठन अखिल भारतीय संत समिति ने सरकार को ‘‘निर्देश’’ दिया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून या अध्यादेश लाया जाए. समिति के दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर से तीन हजार से अधिक संतों ने हिस्सा लिया जिसमें गोरक्षा, गंगा नदी की सफाई और राम मंदिर के निर्माण सहित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया