दीपावली मां लक्ष्मी की कृपा पाने का त्योहार है। इस दिन सभी लोग पूरे परिवार के साथ दीप, रंग-बिरंगे रोशनियों तथा फूल-पत्तियों से घरों को सजाते हैं। यदि आपने ध्यान दिया होगा तो पाया होगा कि किसी भी मांगलिक कार्य या पर्व पर घर को लोग आम की पत्तियों से सजाते हैं। घर के आगे विभिन्न फूल-पत्तियों का तोरण बनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का आवश्यक अंग है जिसे विवाह, पूजा या किसी अन्य धार्मिक प्रयोजन के लिए बनाया जाता है।

तोरण को संस्कृत में द्वार कहा जाता है। तोरण किसी बड़े भवन, दुर्ग या नगर का वह बाहरी बड़ा द्वार होता है जिसका ऊपरी भाग मंडपाकार हो और उसे पताकाओं, मालाओं आदि से सजाया जाता है। लेकिन, वर्तमान में घरों के बाहर स्थाई तोरण का निर्माण न करके विभिन्न फूलों, आम तथा अशोक की पत्तियों के द्वारा इसे बनाया जाता है।
लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि गेंदे के फूल और आम के पत्ते का प्रयोग ही क्यों किया जाता है। आइए आज हम आपको इसके पीछे का रहस्य बताते हैं।

गेंदे के फूल का धार्मिक महत्व:
इसे मेरीगोल्ड के अलावा संपूर्ण भारत में गेंदे के नाम से जानते हैं। इसे सूर्य का प्रतीक भी माना जाता है। जब धरती पर गुलाब तथा चमेली के साथ और भी अन्य प्रकार के सुगंधित फूल धरती पर मौजूद हैं तब भी गेंदे के फूल का रंग शुभ का प्रतीक माना जाता है। इसका अपना अलग धार्मिक महत्व भी है।
इसे संस्कृत में स्थूलपुष्प के नाम से जाना जाता है। यह दिव्य शक्तियों में सत्यता का प्रतीक है। इसके अलावा इसके लाल, पीले रंग को भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसकी गंध हमारे अंदर से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों को दूरकर तनाव को कम करती है।

वैज्ञानिक महत्व:

गेंदे के फूल को मेरीगोल्ड के नाम से भी जाना जाता है। इसे सामान्यत: वातावरण को शांति प्रदान करने वाला होता है। इसके अंदर कैंसर जैसी घातक बीमारियों से दूर रखने का गुण होते हैं। यह सजावटी फूल प्राकृतिक रूप से कीट-पतंगो के साथ मच्छरों को भी दूर रखने में सहायता प्रदान करता है। रिसर्च से पता चला है कि इसके अंदर कान के संक्रमण को दूर करने की क्षमता होती है। यह प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक भी है।

आम के पत्ते का धार्मिक महत्व:
आम के पल्लव को हिंदू धर्म के सभी शुभ कार्यों में प्रयोग में लाया जाता है। इसे जल से भरे एक कलश के उपरी भाग में रखा जाता है। जिसे पर्णकुंभ कहा जाता है, जिसके ऊपर नारियल को विराजित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि आम की पत्तिया भगवान के शरीर के अंगो को जबकि नारियल उनके सिर को दर्शाती है।

इसके अलावा आम की पत्तियां धन की देवी मां लक्ष्मी को भी प्रदर्शित करती हैं। यह घर से नकारात्मक उर्जा को बाहर करती है।

वैज्ञानिक महत्व:

आम की पत्तियां जीवाणुरोधी होने के साथ ही एंटीसेप्टिक गुणों से भरी है। हिंदू धर्म के शुभ कार्यों में तोरण या बंदरवार लगाने में इसका प्रयोग किया जाता है। इसके अंदर कार्बन डाइऑक्साइड को अधिक अवशोषित करने की अनूठी क्षमता होती है।