लखनऊ।  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवनिर्मित इकाना क्रिकेट स्टेडियम अब अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार शाम मुहर लगा दी। इसी स्टेडियम में भारत और विंडीज के बीच 6 नवंबर को दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाना है। करीब 24 साल बाद शाम-ए-अवध दीपावली की पूर्व संध्या पर चौकों छक्कों की गूंज से गूजेंगा, जिसके गवाह होंगे नवाबों के शहर के करीब 50 हजार क्रिकेट प्रेमी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की राजधानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी का पिछले लगभग ढाई दशक से चला आ रहा सूखा भी खत्म हो जाएगा। लखनऊ में आखिरी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टेस्ट मैच जनवरी 1994 में भारत और श्रीलंका के बीच केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेला गया था। इसके बाद सारे अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल मैच कानपुर में आयोजित किए गए।    

50 हजार दर्शक उठाएंगे मैच का लुत्फ
अत्याधुनिक इकाना स्टेडियम में मैच देखने के लिये दर्शकों में खासा उत्साह है। स्टेडियम की क्षमता 50 हजार दर्शकों की है और यहां मैदान के हर कोने से दर्शक मैच का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं। इस स्टेडियम में नौ पिच हैं, शानदार ड्रेसिंग रूम है और दूधिया रोशनी का शानदार इंतजाम है।इकाना स्पोर्ट्स सिटी के प्रबंध निदेशक उदय सिन्हा ने रविवार को 'भाषा' से विशेष बातचीत में बताया कि इस मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमी बेहद रोमांचित हैं। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट प्रेमियों में मैच को लेकर इतनी अधिक दीवानगी है कि आॅनलाइन टिकट कुछ घंटों में ही खत्म हो गए जबकि आॅफ लाइन टिकटों के लिए दो दिन तक लंबी कतारें लगी रहीं। मैच शुरू से होने से तीन दिन पहले एक भी टिकट नही बचा है। ऐसी स्थिति तब हैजब मैच का सबसे कम टिकट 1000 रूपये का था। बॉक्स का टिकट करीब 23 हजार रूपये का था। मैच के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए स्टेडियम के बाहर व अंदर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस हर वक्त तैयार रखने का निर्देश दिये गए हैं। साथ ही लोहिया अस्पताल व लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को एलर्ट पर रखा गया है। 
      
लखनऊ में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि मैच में 50 हजार से अधिक दर्शक जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान स्टेडियम में खाने का सामान व पानी लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। स्टेडियम की सुरक्षा का जिम्मा क्षेत्र और सेक्टर के अनुसार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर होगा। मैच वाले दिन एक कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। स्टेडियम के बाहर व अंदर की निगरानी हाईपावर सीसीटीवी कैमरे करेंगे।' इस बीच सिन्हा ने बताया कि अलग-अलग प्रवेश द्वार पर 65 ट्रांस स्टाइल मशीनें (बार कोड स्कैन करने वाली मशीन)लगाई गई हैं। दर्शक को इन्हीं पॉइंट पर टिकट व पास दिखाना होगा। प्रशासन ने शहर के हर प्रमुख इलाके से स्टेडियम तक के लिए विशेष शटल बस सेवा का संचालन करने का इंतजाम भी किया है। जिलाधिकारी शर्मा ने बताया कि दर्शकों शहर के हर इलाके से स्टेडियम तक पहुंचाने के लिए सिटी बस सेवा व रोडवेज की 50 शटल बसों को लगाया जाएगा।