मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस में विधानसभा प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने के बाद मालवा की 48 सीटों पर दोनों ही दलों में घर का घमासान शुरू हो गया है. हालात ऐसे हैं कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों में बगावत के सुर तेज हो गए हैं. और इसका डैमेज कंट्रोल करने में एक सप्ताह बीत जाएगा. 
संघ परिवार की नर्सरी कहे जाने वाले नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र की बात करें तो यहां पर हंगामा जारी है. भाजपा में जावद सीट पर मौजूदा विधायक ओम प्रकाश सकलेचा के खिलाफ पिछड़ा नेता पूरण अहीर और धाकड़ समाज के कद्दावर नेता देवीलाल धाकड़ ने मोर्चा खोला हुआ है. जबकि नीमच में भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा विधायक दिलीप सिंह परिहार के खिलाफ सोंधिया नेता और पूर्व विधायक स्व. खुमान सिंह शिवाजी के बेटे सज्जन सिंह चौहान, विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल नागदा ने खिलाफत शुरू कर दी है.

मनासा की बात करें तो बीजेपी प्रत्याशी माधव मारु के खिलाफ मनासा की समूची बीजेपी सड़क पर आ गयी है क्योंकि मारु पिछले दस साल से पार्टी के खिलाफ बागी चुनाव लड़ रहे थे.
मंदसौर में भी कमोबेश यही हालात हैं. यहां किसान नेता और प्रदेश भाजपा महामंत्री बंशीलाल गुर्जर को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से पार्टी में जमकर विरोध देखा जा रहा है और रतलाम जिले की बीजेपी में इससे बड़ा गदर है, वहां जावरा विधायक और बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ श्याम बिहारी पटेल ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. जबकि रतलाम में बीजेपी नेता हिम्मत कोठारी ने मौजूदा विधायक चेतन काश्यप के खिलाफ ताल ठोंक दी है.


यदि कांग्रेस की बात करें तो मनासा में कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व काबीना मंत्री को मनासा की कांग्रेस बाहरी प्रत्याशी बताकर विरोध पर आमादा है और नीमच सीट पर पार्टी किसान नेता उमराव गुर्जर को नहीं लड़ाकर मधु बंसल को टिकट देने की तैयारी में है, जिसकी खबर के बाद सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस दफ्तर को घेर लिया और धमकी दे डाली कि यदि उमराव गुर्जर का टिकट कटा तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

मंदसौर से पाटीदार समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार दावेदारी कर रहे है लेकिन जब दिल्ली से खबर आई कि पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने पाटीदार नेता ब्रह्मानंद पाटीदार का नाम आगे बढ़ाया है तो यहां विरोध शुरू हो गया जबकि सुवासरा में कांग्रेस विधायक हरदीप डंक को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कार्यवाहक जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओम सिंह भाटी ने मोर्चा खोल दिया है ओम सिंह भाटी राजपूत नेता है और यहां राजपूत समाज के पचास हज़ार मतदाता हैं.

कमोबेश यही हाल रतलाम जिले की कांग्रेस पार्टी में दिखाई दे रहे हैं. दोनों दलों में पिछड़ा समाज के टिकट वितरण से भारी नाराज़गी है. वहीं अल्पसंख्यक भी दुखी है. जावरा से युसूफ कडपा कांग्रेस से लड़ना चाहते थे लेकिन यहां से पार्टी ने पूर्व मंत्री स्व.महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के भाई के के सिंह को उम्मीदवार बना दिया.
एक ख़ास बात यह देखी जा रही है कि दोनों ही दलों ने सवर्ण और कारोबारी जमात को टिकट वितरण में तरजीह दी है जिससे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय में नाराज़गी पनप रही है. इसी डैमेज को कंट्रोल करने में पार्टियों को पसीना आ जाएगा.