इंदौर: कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू सुंदर का कहना है कि केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर कांग्रेस भ्रमित नहीं है. खुशबू ने गुरुवार को कहा, "सबरीमाला मामले में हम भ्रमित नहीं हैं. सभी आयु वर्ग की महिलाओं को इस मंदिर में प्रवेश दिये जाने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को हम सिर-आंखों पर रखते हैं. इस मंदिर की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के चलते केरल के लोगों की सोच अलग है." 

कांग्रेस लैंगिक भेदभाव के खिलाफ है- खुशबू
उन्होंने कहा, "हम स्त्री और पुरुष के बीच किसी भी तरह के लैंगिक भेदभाव के खिलाफ हैं. लेकिन हमें समझना होगा कि हर क्षेत्र के रीति-रिवाज और धार्मिक विश्वास अलग-अलग होते हैं." खुशबू ने कहा, "सबरीमाला मामले में केरल की कई महिलाएं भी मंदिर की प्राचीन परंपरा का समर्थन कर रही हैं. हमें उन्हें अपनी बात समझाने और उन्हें हमारी बात समझने में थोड़ा वक्त तो लगेगा." सबरीमाला मामले में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "इसके बहाने बीजेपी केरल में धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है, ताकि वह किसी तरह दक्षिण भारत में घुस सके. लेकिन दक्षिण भारत के लोगों ने बीजेपी के लिये दरवाजे बंद कर रखे हैं." 

देश की बुनियादी सुविधाओं पर पहले करें विचार
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के गरमाते मुद्दे से जुड़े सवाल पर उन्होंने संतुलित प्रतिक्रिया में कहा, "मंदिर अथवा मस्जिद के निर्माण या इलाहाबाद के नाम में परिवर्तन के मुद्दों पर बाद में सोचा जाना चाहिये. पहले हमें देश की बुनियादी समस्याओं के बारे में विचार करना चाहिये." मध्यप्रदेश में 28 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य के दौरे पर आयीं खुशबू ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरा. 

15 वर्षों में बढ़ गए हैं मप्र में बलात्कार के मामले- खुशबू
उन्होंने कहा, "खुद को मामा कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आधी आबादी की हिफाजत में नाकाम साबित हुए हैं. सूबे में बीजेपी के 15 वर्षीय राज में बलात्कार के मामले बेहद तेज गति से बढ़े हैं." कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य में अभियोजन पक्ष बलात्कार के केवल 27 प्रतिशत मामलों में आरोपियों पर जुर्म साबित कर पाता है.