जैसे ही त्योहारों का सीज़न शुरू होता है, हर कोई अपने आशियाने मतलब घर को सजाने में लग जाता है। जैसे कि सबको पता ही होगा 7 नवंबर को दीवाली का त्योहार है। इस त्योहार से 1 हफ्ता पहले ही लोग अपने घर की सफ़ाई कर उसे सजाने में लग जाते हैं। बहुत से लोग अपने घर का रंग-रोगन भी करवाते हैं जिसे आम भाषा में आज- कल हम रेनोवेट कहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं वास्तु में घर की साज-सजावट को लेकर कुछ ज़रूरी बातें बताई गई है। खासतौर पर इसमें त्योहारों पर घर को कैसे डेकोरेट करना चाहिए, इससे जुड़े कुछ टिप्स दिए गए हैं। तो अगर आप भी दीवाली से पहले अपने घर को सजा रहे हैं, तो आगे बताए जाने वाली बातों को ज़रूर जान लें।
दीवाली को ध्यान में रखते हुए घरों की साफ़-सफ़ाई का काम प्रारंभ हो चुका है। क्योंकि कहा जाता है कि मां लक्ष्मी साफ़-सुथरे घरों में वास करती हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार दीवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। वास्तु के अनुसार त्योहार को ध्यान में रखकर घर की सफ़ाई कैसे करनी चाहिए।
वास्तु में घर के मुख्य द्वार को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है। कहा जाता है कि मुख्य दरवाज़े से ही घर में खुशियों और समस्याओं का आगमन होता है। इसलिए घर के मुख्य द्वार की सजावट ऐसी होनी चाहिए जिससे सिर्फ खुशियां ही घर में प्रवेश कर सकें।

इस बात का ध्यान रखें कि घर के मुख्य दरवाज़े पर भूलकर भी गंदगी न फैलाएं। इसके लिए अपनी ओर से हर संभव कोशिश करें। साथ ही मेन गेट पर पर्याप्त मात्रा में रोशनी की व्यवस्था ज़रूर होनी चाहिए। बता दें कि मुख्य दरवाज़े पर नेम प्लेट लगाना भी काफी शुभ होता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखने के लिए कहा गया है कि यह काले रंग का न हो। 

ज्योतिष और वास्तु के अनुसार ड्राइंग रूम से परिवार में आनंद आने की बात कही गई है। इसके अनुसार इसे घर का वह स्थान माना जाता है  जहां परिवार के सदस्यों के रिश्ते में मिठास आती है और आपसी संबंध पहले से ज्यादा मज़बूत होते हैं। इसलिए ड्राइंग रूम को हमेशा साफ़ रखना चाहिए। ध्यान रखें कि इस स्थान पर सुंगध की भी अच्छी व्यवस्था होना चाहिए। 

घर की रसोई ऐसी होनी चाहिए जहां पर सूर्य की रोशनी प्रवेश कर सके। इसके अलावा घर के मंदिर में पूजा करने के बाद रसोई घर में भी धूप बत्ती जरूर दिखाएं। वास्तु के अनुसार एेसा करना बहुत शुभ माना जाता है।