बिग बॉस-12 एंटरटेन करने में नाकामयाब साबित हो रहा है. ग्रैंड प्रीमियर के दिन जब कंटेस्टेंट्स के नामों पर मुहर लगी, तो दर्शकों को लगा कि ये 11वें सीजन से कहीं ज्यादा रोमांचक और मजेदार होगा. लेकिन सभी उम्मीदें शो के बढ़ते दिनों के साथ धराशायी होती चली गईं. 
इसे अब तक का सबसे कमजोर सीजन कहना गलत नहीं होगा. बड़े-बड़े नामी सेलेब्स फीके और सुस्त से नजर आ रहे हैं. हालांकि कॉमनर्स सेलेब्स से बेहतर खेल रहे हैं.
मेकर्स और क्रिएटिव टीम शो को मजेदार बनाने के लिए तमाम फॉर्मूले अपना रही है. डेढ़ महीने के अंदर शो में जान फूंकने के लिए ऐसे कई ट्विस्ट डाले गए हैं, जो कि पिछले सीजन्स में सबसे आखिर में देखे जाते थे. 
'बीबी समुद्री लुटेरा टास्क' शो में जल्दी लाया गया. ऐसा पहली बार हुआ जब शो के शुरूआती हफ्तों में ही टीवी सेलेब्स ने घर में आकर राय दी हो. ये शो की असफलता ही है कि पिछले सीजन के टॉप कंटेस्टेंट विकास गुप्ता और शिल्पा शिंदे को घर में दूसरी बार भेजा जा रहा है.
बिग बॉस-11 ने टीआरपी चार्ट में अच्छी रैंकिंग पाई थी. लेकिन 12वें सीजन की टीआरपी में हर हफ्ते गिरावट देखी जा रही है. नॉन फिक्शन शोज में बिग बॉस, अमिताभ के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' से पिछड़ गया है. चलिए एक नजर डालते हैं उन पॉइंट्स पर, जो बिग बॉस-12 के फ्लॉप होने के सबसे बड़े कारण हैं...
#1. टास्क में ठंडा प्रदर्शन
बिग बॉस-11 में सभी टास्क जोश और जुनून से किए गए. टास्क परफॉर्मेंस के मामले में 11वां सीजन सबसे बेस्ट था. लेकिन 12वां सीजन उतना ही ठंडा है. दीपक, रोमिल, सबा-सोमी, सुरभि, मेघा को छोड़कर किसी भी कंटेस्टेंट के अंदर टास्क परफॉर्म करने और जीतने का जुनून नहीं है. घरवाले ना ही दिमाग का इस्तेमाल कर रहे हैं और ना ही स्ट्रेन्थ का.
#2. नो एंटरटेनमेंट फैक्टर
इस सीजन में भी लड़ाई-झगड़े और चिल्लमचिल्ली है. लेकिन एंटरटेनमेंट फैक्टर मिसिंग है. शुरुआत में दीपक ठाकुर दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे वे गेम के प्रति इतने सीरियस हो गए कि एंटरटेनमेंट भूल गए. ऐसा लगता है मानो सभी सीरियस गेम खेल रहे हैं. ना ही टास्क में बेहतरीन दे पा रहे हैं, ना ही मसालेदार कंटेंट.
#3. नो रोमांटिक एंगल
बिग बॉस हाउस में इस बार कपल के तौर पर जसलीन और अनूप जलोटा की एंट्री हुई थी. लेकिन शो में उनकी केमिस्ट्री दिखी ही नहीं. उनका गुरु-शिष्या रिलेशन ज्यादा उभर कर आया. अब बेघर होने के बाद अनपू जलोटा ने अफेयर होने से ही इंकार कर दिया है, तो वो केमिस्ट्री कहां से दिखती. 
दूसरी तरफ, सोमी-दीपक के बीच हल्का सा रोमांटिक एंगल क्रिएट करनी की कोशिश दिख रही है. 6 हफ्तों बाद लव एंगल क्रिएट करने की कोशिश है. अब देखना होगा कि ये सोमी-दीपक की केमिस्ट्री दर्शकों को कितना कनेक्ट कर पाती है. 
#4. फ्लॉप कंटेस्टेंट्स 
बिग बॉस-12 के टीआरपी की मार झेलने की सबसे बड़ी वजह कंटेस्टेंट का फ्लॉप होना है. दीपिका कक्कड़, श्रीसंत, सृष्टि रोडे और श्रीसंत से दर्शकों को अच्छे गेम की उम्मीद थी. नेहा पेंडसे तो पहले ही बाहर हो चुकी हैं. दीपिका अपनी इमेज के चलते कॉन्सियस हैं, टास्क में एग्रेसिव नजर नहीं आती. सृष्टि रोडे और करणवीर तो कंफ्यूज लगते हैं, वे दिखते भी नहीं हैं. श्रीसंत अपनी स्ट्रैटजी में खुद ही फंस जाते हैं. वे टास्क नहीं करते, बार-बार घर से जाने की बात करते हैं. अब तो दर्शक भी उनके गेम से बोर हो चुके हैं.
#5. मिसिंग मास्टरमाइंड प्लेयर
बिग बॉस-11 के सबसे ज्यादा हिट होने की एक वजह ये थी कि सभी टास्क अच्छी रणनीति, सूझ-बूझ के साथ किए गए थे. विकास गुप्ता को सीजन का मास्टरमाइंड कहा गया. ज्यादातर टास्क उन्होंने जीते. उनकी गेम ने शो को और मजेदार बनाया. विकास गुप्ता और हिना खान के टास्क को लेकर जज्बे और कॉम्पिटिशन ने गेम को बेहतरीन बनाया. लेकिन ये सब बिग बॉस-12 में मिसिंग है. हालांकि इन दिनों वकील बाबू रोमिल ने दिमाग से खेलना शुरू किया है. 
#6. नहीं है कोई विवादित कंटेस्टेंट
इस बार शो में कोई विवादित कंटेस्टेंट नहीं है. श्रीसंत का नाम विवादों में रहा है. लेकिन वे शो को ज्यादा कुछ मसाला नहीं दे पा रहे हैं. पिछले सीजन में अर्शी खान, संभावना सेठ, राखी सावंत, डॉली बिंद्रा, आकाशदीप, राजा चौधरी, इमाम सिद्दीकी, कमाल आर खान, स्वामी ओम ने अपनी मौजूदगी से शो को सुर्खियों में रखा था. 
#7. कॉमनर्स ज्यादा, सेलेब्स कम
बिग बॉस-12 का सबसे बड़ा कमजोर पॉइंट ये है कि इस बार कॉमनर्स के मुकाबले सेलेब्रिटी कंटेस्टेंट कम रखे गए हैं. दर्शक हमेशा से ही कॉमनर्स के मुकाबले सेलेब्रिटी को देखना पसंद करते हैं.