इंदौर . देश का दिल यानी मध्यप्रदेश जीतने के लिए कांग्रेस हरसंभव कोशिश कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार सत्ता हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इंदौर-उज्जैन संभाग की 66 सीटों के साथ निमाड़ में अपना असर डालने दो दिन रहेंगे। राहुल के 29-30 अक्टूबर को होने वाले दौरे के लिए कांग्रेस ने प्लान भी उसी हिसाब से बनाया है।

 

दो दिन में सात मीटिंग व सभाएं, इंदौर के मध्य क्षेत्र में रोड शो और व्यापारियों से सीधा संवाद होगा। 1998 में भी कांग्रेस ने इन्हीं सीटों पर फोकस कर प्रदेश में लगातार दूसरी बार अपनी सरकार बनाई थी। राहुल के इस दौरे के लिए दो महीने से तैयारियां चल रही थीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है इस बार भाजपा की विदाई की इबारत मालवा-निमाड़ से ही लिखी जाएगी। मालवा-निमाड़ पर हमारा खास फोकस है। प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है।

सीटों का हिसाब... 66 में से कम से कम 25 सीटें जीतने की कोशिश

  1.  

    इंदौर-उज्जैन संभाग में 66 सीटें हैं। इनमें से 9 सीटें कांग्रेस के पास हैं। भाजपा के इस अभेद्य गढ़ को भेदने के लिए राहुल की सभा, रोड शो और संवाद प्लान किया गया है। कांग्रेस चाहती है 66 सीटों में से कम से कम 25 सीटें उसकी झोली में आए। उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर दो दिनी दौरे की शुरुआत होगी। इससे भगवा वोट बैंक पर असर डालना है। महू में डॉ. आंबेडकर के दर्शन कर दलित वोट बैंक को रिझाना है। धार में आदिवासियों के बीच जयस के असर को कम करना है।

     

  2. मालवा का सेंटर पॉइंट, इसलिए यहां रोड शो और संवाद दोनों करेगी पार्टी

     

    29 को राहुल गांधी उज्जैन से सीधे झाबुआ जाएंगे। वहां पर सभा करेंगे। अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को वे धार जाएंगे। इस बार जयस भी मैदान में है। ऐसे में परंपरागत आदिवासी वोट बैंक पर पकड़ रखने के लिए एक दिन झाबुआ तो दूसरे दिन धार का दौरा रखा है। धार की सात सीटों में भी कांग्रेस को काफी संभावनाएं दिख रही हैं। पिछले चुनाव में सात में से दो सीटें ही कांग्रेस जीती थी। इंदौर मालवा का सेंटर पॉइंट है। रोड शो से विधानसभा क्षेत्र 1, 4 और 3 कवर होंगे। क्षेत्र 2 जो भाजपा का गढ़ है, वहां पर राहुल गांधी 30 अक्टूबर को व्यापारिक संवाद करेंगे।

     

  3. 1985 में अर्जुन सिंह, 1998 में दिग्विजय सिंह ने इन्हीं सीटों पर किया था फोकस, जीते भी थे

     

    1985 में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह और 1998 में दूसरी पारी में दिग्विजय सिंह ने इन सीटों पर फोकस किया था और जीत दर्ज की थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पं. कृपाशंकर शुक्ला ने कहा ये सीटें सत्ता के सफर में काफी महत्वपूर्ण हैं। शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के अनुसार रोड शो का रूट इस तरह से बनाया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच से राहुल गांधी गुजर सकें। इंदौर में राहुल गांधी रात्रि विश्राम भी करेंगे। बरसों पहले राजीव गांधी ने रोड शो किया था, तब वे भी बड़ा गणपति से राजबाड़ा होकर गए थे।