इंदौर। घर जा रहे एक युवक को शनिवार रात दो माह की बच्ची रोती-बिलखती झाड़ियों के बीच कपड़े में लिपटी मिली। उसके चेहरे पर घाव थे। उसके पैरों पर चींटियां लगी हुई थी। युवक उसे घर ले गया और सुबह पुलिस को सौंपा दिया। पुलिस ने चाइल्ड लाइन की मदद से बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

हीरानगर पुलिस ने रविवार सुबह रोहन पिता सुधीर पाठक निवासी श्रीनाथ अपार्टमेंट स्नेहलतागंज की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है।

टीआई राजीवसिंह भदौरिया ने बताया कि रविवार सुबह करीब 9 बजे रोहन अपने दोस्त अक्षय पाटीदार के साथ बच्ची को लेकर थाने आया था। रोहन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह शनिवार रात विजय नगर से अपने दोस्त के साथ बीमा अस्पताल के पीछे के रास्ते से ईएसआई परिसर स्थित अपने दूसरे घर पर जा रहा था। वह झाड़ियों के पास से गुजरा तो बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी।

वह मोबाइल की लाइट चालू करके झाड़ियों के पास पहुंचा तो उसे बच्ची दिखी। बच्ची को गोद में उठाने पर देखा कि उसके पैर में चिटियां लगी हुई है और चेहरे पर खरोंच के निशान थे। वह बच्ची घर ले गया और परिजन को घटना बताई। बच्ची को साफ करके नए कपड़े पहनाए। परिजन ने दूध पिलाया तो उसने रोना बंद कर दिया। पेट भरते ही वह सो गई।

चाइल्ड लाइन की मदद से बच्ची को अस्पताल में कराया भर्ती

 

टीआई ने बताया कि बच्ची की हालत देखकर चाइल्ड लाइन की टीम से संपर्क किया गया। टीम के सदस्य राहुल गोठाने ने बताया कि बच्ची को एमवाय अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया। रविवार को उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। कुछ टेस्ट सोमवार को किए जाएंगे। बच्ची की हालत में सुधार है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। बीमा अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे पता लगाया जा सके कि बच्ची को किसने झाड़ियों में फेका था।