पौष्टिक डायट लें। इसमें 50-55 फीसदी तक कार्बोहाइड्रेट, 20-25 फीसदी तक प्रोटीन और 25 से 30 फीसदी तक फैट होना चाहिए। रोजाना कम-से-कम 5 सर्विंग फ्रूट और सब्जियां खाएं। एक सर्विंग एक मीडियम साइज कटोरी के बराबर दाल/सब्जी या एक छोटे सेब के बराबर होती है। अलग-अलग रंग के फल और सब्जियों को खाने में शामिल करें। रात 8 बजे तक डिनर कर लें और भूख से एक रोटी कम खाएं। हफ्ते में 1-2 बार से ज्यादा तला-भुना या जंक फूड न खाएं। रोजाना 10-12 बादाम, 1-2 अखरोट और 1 चम्मच फ्लैक्स सीड्स लें। हर 3 घंटे में कुछ न कुछ खाएं, लेकिन इन 3 घंटों के बीच कुछ न खाएं।
रोजाना कम-से-कम 7-8 घंटे नींद जरूर लें। वैसे, 10 घंटे की खराब या डिस्टर्ब्ड नींद से तीन घंटे की अच्छी और गहरी नींद बेहतर है। नींद की एक साइकल में रैम (रैपिड आई मूवमेंट) और नॉन-रैम (नॉन-रैपिड आई मूवमेंट), दोनों होते हैं और रात भर में ऐसी 5-6 साइकल होती हैं। रैम हल्की नींद होती है, जिसमें आंखों की पुतलियां चलती रहती हैं और नॉन-रैम में पुतलियों का मूवमेंट बंद हो जाता है और शरीर ढीला पड़ जाता है। नींद का करीब 20 फीसदी हिस्सा रैम और 80 फीसदी हिस्सा नॉन-रैम होता है। रैम सीखने और अनुभव करने के लिए अच्छी होती है। दिन में जो भी बीतता है, उसे रैम के दौरान दिमाग रात में कोऑर्डिनेट करता है। नॉन-रैम रिलैक्स करने के लिए जरूरी है।
सोने के लिए सबसे अच्छा वक्त है, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे का। इसमें एक-आध घंटा आगे-पीछे भी ठीक है। अच्छी नींद के लिए बेड को साफ रखें, कमरे में अंधेरा रखें। 2 इंच की मोटाई तक का तकिया इस्तेमाल करें। सोने से कम-से-कम 1 घंटा पहले टीवी, मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करना बंद कर दें। नींद न आ रही हो तो डीप ब्रीदिंग, धीमा इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक या कोई किताब पढ़ना मददगार हो सकता है। 
रोजाना 45-60 मिनट एक्सर्साइज करें। इसमें कार्डियो (ब्रिस्क वॉक, ट्रेडमिल, साइकलिंग, स्वीमिंग, बैडमिंटन जैसे खेल आदि), स्ट्रेंथनिंग (वेट लिफ्टिंग) और स्ट्रेचिंग (योग) तीनों को शामिल करें। ब्रिस्क वॉक भी बहुत अच्छी एक्सर्साइज है। इसमें एक मिनट में करीब 80 कदम चलते हैं। अगर एक बार में टाइम नहीं मिलता तो 3 बार 15-15 मिनट वॉक कर लें। कुल मिलाकर रोजाना कम-से-कम 10,000 कदम चलने की कोशिश करें। योग से शरीर में लचीलापन आता है, लेकिन यह एरोबिक्स की जगह नहीं ले सकता। प्राणायाम और मेडिटेशन भी करें। इनसे तनाव कम होता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
अपने वजन को कंट्रोल में रखें। इसके लिए अपना बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 18 से 23 के बीच रखें। ‌BMI निकालने का फॉर्म्युला है: BMI = वजन (किलो में)/ लंबाई मीटर स्क्वेयर में। आइडियल वजन निकालने का दूसरा तरीका है: लंबाई (सेमी में) - 100, यानी अगर किसी की हाइट 170 सेमी और वजन 90 किलो है तो उसे 20 किलो वजन कम करने की जरूरत है। कमर से भी मोटापा माप सकते हैं। पुरुषों की कमर का घेरा 90 सेमी (35.4 इंच) और महिलाओं का 80 सेमी (31.4 इंच) से ज्यादा होना मोटापे की निशानी है।
तनाव कम करने की कोशिश करें। एक्सर्साइज और मेडिटेशन करें, अच्छा म्यूजिक सुनें और अपनी पसंदीदा हॉबी के लिए वक्त निकालें। मालिश करने-कराने से भी मन रिलैक्स होता है। बच्चों के साथ वक्त बिताएं या घर में डॉगी आदि पाल लें। इन सब चीजों से तनाव कम होता है।