लाहौर: पाकिस्तान में कई हत्याएं कर चुके एक व्यक्ति को बुधवार को एक जेल के भीतर फांसी दी जाएगी क्योंकि देश की एक अदालत ने मंगलवार को सात वर्षीय बच्ची के पिता की ओर से दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें दोषी को सार्वजनिक रूप से फांसी देने के अनुरोध किया गया था.  दोषी ने उक्त बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी थी. न्यायमूर्ति सरदार शमीम अहमद और न्यामूर्ति शाहबाज रिजवी वाली लाहौर उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने बच्ची के पिता अमीन अंसारी की अर्जी खारिज कर दी जिसमें उन्होंने दोषी इमरान अली को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का अनुरोध किया था.

गत जनवरी में पुलिस ने इमरान को गिरफ्तार किया था.  गिरफ्तार होने के दो सप्ताह पहले उसने बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी थी और उसका शव लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर कसूर में फेंक दिया था. घटना को लेकर पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन हुए थे और लोगों ने 23 वर्षीय आरोपी को कड़ी सजा दिये जाने की मांग की थी.
बच्ची की हत्या के बाद कसूर शहर में हुए हिंसक प्रदर्शनों में दो व्यक्तियों की जान चली गई थी. यहां की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने गत सप्ताह फैसला दिया कि इमरान को फांसी 17 अक्टूबर को लाहौर केंद्रीय जेल में दी जाएगी. कसूर निवासी इमरान पर नाबालिगों से बलात्कार एवं हत्या के कम से कम नौ मामलों में संलिप्तता का आरोप था. अदालत ने पांच मामलों में फैसला सुनाया है.