नई दिल्ली: जब से बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने #MeToo आंदोलन की शुरुआत की तब से अब तक कई हस्तियों ने इसका खुलकर समर्थन किया है. इस अभियान पर टेलीविजन एक्ट्रेस और 'बिग बॉस 11' की विनर शिल्पा शिंदे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. शिल्पा ने #MeToo आंदोलन को बकवास करार दिया. 

इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि शिल्पा शिंदे ने पिछले साल खुद ही 'भाबी जी घर पर हैं' के निर्माता संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. लेकिन अब #MeToo के सवाल पर कुछ अलग नजरिया पेश कर रही हैं. शिल्पा ने टाइम्स नाऊ को दिए एक इंटरव्यू में #MeToo आंदोलन पर कहा, "फिल्म इंडस्ट्री में रेप नहीं होता, सबकुछ आपसी सहमति से होता है."

उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री में गिव एंड टेक की पॉलिसी होती है जो कि आपसी सहमति पर आधारित होती है. यह इंडस्ट्री बुरी नहीं है और यह बहुत अच्छी भी नहीं है. हर जगह ये चीजें होती है. मुझे समझ नहीं आ रहा कि लोग क्यों खुद ही इंडस्ट्री का नाम खराब कर रहे हैं. जो लोग काम दे रहे हैं और जो लोग काम रहे हैं, क्या सब ही खराब हैं? ऐसा नहीं है. यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है."  

शिल्पा ने आगे कहा, "महिलाएं अब बोल रही हैं लेकिन मेरा मानना है कि इंडस्ट्री में रेप नहीं होता. जबर्दस्ती नहीं होती. जो कुछ भी होता है, आपसी सहमति से होता है. यदि आप मांग को पूरा करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो उस बात को वहीं छोड़ दीजिए." 

उन्होंने आगे कहा, "जब जो घटना हो उसके बारे में तभी आवाज भी उठाना चाहिए, क्योंकि बाद में बोलने का कोई फायदा नहीं है.' उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि 'यह बकवास है, आपको उसी समय मामले के खिलाफ तेज आवाज में बोलना चाहिए. यह बाद में बोलने से काफी आसान है. आपको उस समय उस मामले के बारे में बात करनी चाहिए. मुझे भी अपने अतीत से यह सबक मिला है. जब होता है, तभी बोलो - बाद में बोलने का कोई फायदा नहीं, यह बेकार है.'

शिंदे का मानना है कि इस अभियान से कोई बदलाव नहीं आएगा और चीजें वैसी ही रहेंगी, जैसी पहले थीं. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मुझे इस बारे में कोई बात नहीं करनी. मुझे लगता है कि आजकल जो हो रहा है, वह कुछ अलग है लेकिन कुछ भी नहीं बदलेगा. यह चलता रहेगा, चलता रहेगा. मुझे नहीं मालूम वे हमारी इंडस्ट्री का नाम क्यों बदनाम कर रहे हैं. लोग हमारी इंडस्ट्री के बारे में बातें कर रहे हैं कि ऐसा होता है, वैसा होता है."