हैदराबाद: एक जमाने में अपनी तेज गेंदबाजी का दबदबा बनाकर क्रिकेट की पूरी दुनिया में एकछत्र राज करने वाली वेस्टइंडीज टीम इन दिनों आलोचकों के तीखे निशाने पर है. राजकोट में टीम इंडिया के हाथों पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन ही वेस्टइंडीज टीम को एक पारी और 272 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था. यह क्रिकेट इतिहास में टीम इंडिया की अब तक सबसे बड़ी जीत थी तो वेस्टइंडीज की अब तक की दूसरी बड़ी हार थी. इस हार की आलोचना का कप्तान जेसन होल्डर ने अजीब तर्क दिया है. 

अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच हैदराबाद में होने वाला है. इस मैच में उम्मीद की जा रही है कि वेस्टइंडीज का प्रदर्शन पहले टेस्ट से बेहतर होगा क्योंकि पहले टेस्ट में मेहमान टीम के कप्तान जेसन होल्डर नहीं खेल पाए थे. उनके अलावा तेज गेंदबाज केमार रोच भी इस मैच में नहीं खेले थे. 

लारा की टीम भी जीत नहीं पाई थी भारत में
 वेस्टइंडीज के कप्तान जैसन होल्डर ने अपनी टीम के आलोचकों पर ताना कसते हुए बुधवार को कहा कि यहां तक कि नब्बे के दशक की कैरेबियाई टीम भी भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पायी जबकि उस टीम में ब्रायन लारा जैसा बल्लेबाज भी था. वेस्टइंडीज ने आखिरी बार 1994 में भारत में टेस्ट मैच जीता था और लारा ने मोहाली में खेले गए इस मैच की दूसरी पारी में 91 रन बनाए थे. उन्होंने भारत में यह एकमात्र सीरीज खेली थी.
1994 से टेस्ट नहीं जीत सकी है वेस्टइंडीज 
राजकोट में वेस्टइंडीज के लचर प्रदर्शन के बाद आलोचकों की कड़ी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर होल्डर ने कहा, ‘‘हम दुनिया की नंबर एक टीम भारत के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेल रहे हैं. और इतिहास गवाह है कि हम 1994 के बाद से यहां टेस्ट मैच नहीं जीते हैं और मुझे लगता है कि ब्रायन लारा और अन्य दिग्गज खिलाड़ी तब खेल रहे थे. ’’ 
कार्ल हूपर ने बताया था टीम के बुरे हाल का यह कारण
हाल में वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कार्ल हूपर ने कैरेबियाई देशों के युवाओं की आलोचना की जो केवल टी20 अनुबंध हासिल करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं लेकिन वर्तमान कप्तान ने नाम लिए बिना इससे विपरीत विचार रखे.  होल्डर ने कहा, ‘‘हर कोई अपने विचार रखने के लिये स्वतंत्र है. मेरा ध्यान इस पर होता है कि मुझे क्या करना है और टीम को क्या करना चाहिए. इस पर चिंता करने की जरूरत नहीं है कि लोग क्या कह रह हैं क्योंकि लोग हमेशा कुछ ने कुछ कहते रहते हैं.’’ 

क्रिकेट खेलकर ही चुप करा सकते हैं आलोचकों को
होल्डर ने कहा, ‘‘आलोचकों को हम क्रिकेट खेलकर ही चुप करा सकते हैं या चुप कराने की कोशिश कर सकते हैं. यही एकमात्र तरीका है हालांकि मुझे नहीं लगता कि वे कभी चुप होंगे.’’ दूसरे टेस्ट मैच के लिए यह आलराउंडर अभी पूरी तरह से फिट नहीं है लेकिन वह अपनी अनुभवहीन टीम को लेकर की जा रही टिप्पणियों से नाखुश हैं. 

इतना खराब रिकॉर्ड नहीं है इस टीम का
उन्होंने कहा, ‘‘इस टीम के बारे में काफी कुछ कहा गया है जिनसे कि मैं सहमत नहीं हूं. क्योंकि हमने जो पिछली दो तीन सीरीजएं खेली हैं उनमें शीर्ष टीमों को हराया है. हम उतनी सीरीजएं नहीं जीत पाए जितनी हम चाहते थे लेकिन पिछले साल मुझे लगता है कि हमने जो चार या पांच सीरीज खेली उनमें से दो में जीत दर्ज की. इसलिए यह मेरी समझ से परे है कि लोगों का हमारे प्रति इतना कड़ा रवैया क्यों हैं.’’