मौसम में आए बदलाव का प्रभाव हमारे इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। तापमान में कमी या बढ़ौतरी से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, जिस कारण वायरस शरीर को बहुत जल्दी संक्रमित करता है। वायरल फीवर बदलते मौसम का ही परिणाम है। वायरल फीवर के लक्षण आम बुखार की तरह ही होते हैं मगर इसको नजर अंदाज करने पर बीमारी बिगड़ भी सकती है। 

वायरल फीवर के शुरुआती लक्षण
इस फीवर में सबसे पहले गला खराब, गला और बदन दर्द,थकान, खांसी और बाद में तेज बुखार हो जाता है। शुरुआत में ही इसका इलाज करवाने से जल्दी आराम मिलता है। 

1. आंखें लाल होना
2. तेज बुखार
3. खांसी और जुकाम 
4. जोड़ों में दर्द और सूजन 
5. थकान
6. नाक बहना 
7. बदन दर्द होना
8. भूख न लगना
9. कमजोरी महसूस होना
10.सिरदर्द होना

वायरल फीवर के घरेलू उपाय

1. हल्दी और सौंठ 
हल्दी और सौंठ के एंटीसेप्टिक गुण बुखार में बहुत लाभकारी हैं। काली मिर्च आधा छोटा चम्मच, एक चौथाई चम्मच हल्दी, चुटकी भर सौंठ और एक चम्मच चीनी को 1 गिलास पानी में डाल कर उबालें। पानी आधा रह जाने पर दिन में 2 से 3 बार पीएं। 

2. तुलसी और लौंग
1 लौंग का चूर्ण,5 तुलसी के पत्ते को एक लीटर पानी में डाल कर उबालें। इस छान कर 2-2 घंटे बाद पीने से फायदा मिलेगा। 

3. धनिया की चाय
यह वायरल बुखार जैसे कई रोगों को खत्म करता है। धनिया की चाय वारयल बुखार में बहुत अरसदायक औषधि है। 

4. मेथी का पानी
रात को थोडे से मेथी के दाने1 कप में भिगों दें और सुबह इसे छानकर पिएं, जल्द आराम मिलेगा।

5. नींबू और शहद
शहद और नींबू का रस का सेवन भी लाभकारी है। इससे गले की इंफैक्शन बहुत जल्द ठीक होगी। 

6. राइस स्टार्च
उपचार का यह तरीका बहुत पुराना है। यह शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने में बहुत मदद करता है। इसस प्रतिरक्षा तंत्र को बहुत मजबूती मिलती है। वायरल फीवर से राहत दिलाने में चावल का पानी बहुत फायदेमंद है।