तिरुवनंतपुरम : अगस्त में दक्षिण-पश्चिम मानसून से तबाह हो चुके केरल में दक्षिण-पूर्व अरब सागर में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना से और वर्षा होने की आशंका है. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन की तैयारी बढ़ा दी. केरल के पड़ोसी राज्य तमिलनाडु ने भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के इस अनुमान के बाद कि राज्य में सात अक्टूबर को ज्यादातर स्थानों पर मूसलाधार वर्षा और कुछ स्थानों भयंकर वर्षा हो सकती है कई कदम उठाए हैं.
बुलेटिन के अनुसार दक्षिणपूर्व अरब सागर और उसके आसपास लक्षद्वीप एवं मालदीव के क्षेत्र में फैला चक्रवात गुरुवार सुबह मध्य क्षोभमंडल स्तर तक पहुंच गया और उसके प्रभाव में छह अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व सागर में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘निम्न दबाव के क्षेत्र के और संकेंद्रित होने और 36 घंटों में उत्तर पश्चिम की दिशा में बढ़कर चक्रवाती तूफान का रुप लेने एवं ओमान की तट की ओर बढ़ने की संभावना है.’’ 

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन की तैयारी की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अनुमान को ध्यान में रखकर बांधों में पानी के स्तर की निगरानी करने को कहा. त्रिचूर और पलक्कड़ जिलों में बांधों के दरवाजे अतिरिक्त पानी निकालने के लिए आज शाम खोल दिए गए. समुद्र में स्थिति शनिवार से बहुत खराब रहने की संभावना है ऐसे में मछुआरों को गहराई में नहीं जाने की सलाह दी गयी है.
केरल में अगस्त में दक्षिण पश्चिम मानसून ने कहर बरपाया था. यह 100 सालों में सबसे बुरी स्थिति थी. कई जिलों में वर्षा और बाढ़ से 493 लोगों की जान चली गई थी. चेन्नई में अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के जिलाधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. तैयारी की समीक्षा के लिए बैठकें पहले ही बुलाई जा चुकी हैं.

चेन्नई के मौसम उपमहानिदेशक एस बालचंद्रन ने चेन्नई में बताया कि अगले तीन दिनों में तमिलनाडु और पुडुचेरी में वर्षा होने की संभावना है. एक और दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. पिछले 24 घंटे में भी तमिलनाडु और पुडुचेरी में वर्षा हो चुकी है.