छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशी इन दिनों आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. आलम यह है कि सड़कों पर घूमने वाले इन मवेशियों से जान का खतरा बनने लगा है. चाहे वो नेशनल हाईवे हो, शहर की दूसरी सड़कें या फिर गलियां, हर जगह मवेशी यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं.

वहीं बरसात के दिनों में रात के वक्त ये मवेशी सड़कों पर हादसों का कारण भी बनते हैं. बता दें कि रात के अंधेरे में कभी मवेशी वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं, तो कभी इन्हीं मवेशियों के कारण रास्ता जाम हो जाता है. बता दें कि लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने कुछ दिनों तक 'काऊ कैचर' टीम को लगाया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही.

लिहाजा, अब फिर से धमतरी पुलिस ने इसके लिए नई रणनीति बनाई है, जिसमें यातायात पुलिस और 'काऊ कैचर' टीम के साथ आला अफसरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. पुलिस ने इस समस्या के लिए मवेशी मालिकों की लापरवाही को कारण बताया है.
फिलहाल, इसे टेंपरेरी अरेंजमेंट ही कहा जाएगा क्योंकि जब तक नए गोकुल नगर नहीं बस जाते, तब तक इस समस्या का स्थाई हल निकल पाना मुश्किल है.

मामले में धमतरी एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि अक्सर पशु मालिक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, जिसकी वजह से आए दिन हादसाएं हो रही हैं. ऐसे में उन आवारा मवेशियों के लिए पुलिस और नगर निगम संयुक्त टीम गठित की गई है. इसमें 'काऊ कैचर' टीम लगातार अपना अभियान चला रही है. इसे एडिशनल एसपी, डीएसपी समेत सभी पुलिस अधिकारी इसे मॉनिटर करते हैं.