छत्तीसगढ़ में कोरबा के जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता को उसके पति ने सिर्फ इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि उसने बेटा नहीं दूसरी बार भी बेटी को जन्म दिया. दरअसल, कुसमुंडा निवासी अब्दुल सलाम ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था. इस दौरान पत्नी सलमा ने दूसरी बार भी बेटी को जन्म दिया. इसके बाद जैसे ही सलमा के पति को डॉक्टर ने बेटी होने की जानकारी दी, तो पति अपनी पत्नी और बेटी दोनों को हॉस्पिटल में छोड़कर भाग गया.

पति के इस बर्ताव से सलमा काफी आहत है. उसके शरीर में इतनी ताकत नहीं कि वो दोनों बेटियों की परवरिश अकेले कर सके. बता दें कि सलमा की पहले से 4 साल की एक बेटी है. वहीं बेटे की आस लगाए बैठा पति बेटी होने पर बिना बताए अस्पताल से चला गया.

बहरहाल, दो दिन बाद शरीर में दर्द और नसों में अकड़न होने पर परिजनों ने फिर से महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया. इस दौरान में घंटों सलमा स्ट्रेचर पर पड़ी-पड़ी दर्द से कहराती रही, लेकिन कोई डॉक्टर या नर्स उसे देखने नहीं आई. इतने में मीडिया और समाजसेवी की दखल के बाद कहीं जाकर महिला का इलाज शुरू हो पाया. वहीं महिला के साथ हुई इस ज्यादती की शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग से की गई है.

बहरहाल, एक ओर सरकार जहां बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नित नई योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ आज के युग में भी बेटे का मोह छूटने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में कैसे बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान साकार हो पाएगा.