बीजिंग: मालदीव में नई सरकार के तहत व्यापार का अनुकुल माहौल जारी रखने की उम्मीद जताते हुए चीन ने मंगलवार को इब्राहीम मोहम्मद सोलिह को बधाई दी. सोलिह को भारत का सहयोगी माना जाता है. एक दिन पहले हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने बीजिंग समर्थक राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को हराया था. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने संवाददाताओं से कहा कि चीन मालदीव के साथ काम करने के लिए इच्छुक है ताकि ‘‘हमारी मित्रता और दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत हो.’’ दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सोलिह की जीत के भौगोलिक राजनीतिक महत्व हैं क्योंकि यह प्रायद्वीप रणनीतिक रूप से हिंद महासागर में स्थित है. चीन इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहता है.
मालदीव ने 2014 में चीन के महत्वाकांक्षी ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के लिए बीजिंग के साथ समझौता पत्र पर दस्तखत किया था. भारत इस परियोजना का विरोध करता है क्योंकि इसमें चीन पाकिस्तान आर्थिक कोरीडोर शामिल है जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से गुजरता है. शुआंग ने कहा, ‘‘सफलतापूर्वक राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए चीन मालदीव को बधाई देता है.
हम मालदीव के लोगों की पसंद का सम्मान करते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि देश में स्थिरता और विकास आएगा.’’ सोलिह की सोमवार को अनपेक्षित जीत के बाद चीन ने पहली बार प्रतिक्रिया जताई. मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा प्रायद्वीपीय देश में बड़े पैमाने पर चीनी निवेश और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की आलोचना किए जाने के एक सवाल के जवाब में शुआंग ने उम्मीद जताई कि नई सरकार चीनी कंपनियों के लिए उपयुक्त माहौल बनाएगी ताकि मालदीव में काम जारी रह सके. सोलिह इसी पार्टी के हैं. चीन और मालदीव ने पिछले वर्ष सितम्बर में एफटीए पर हस्ताक्षर किए थे और इस वर्ष एक अगस्त से यह प्रभाव में आया.