नई दिल्ली। भारत में हवाई सफर के दौरान यात्री अपने साथ पानी और अन्य तरल पदार्थ जैसे शैंपू (100 मिली लीटर से अधिक) आदि भी ले जा सकेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय लिक्विड एक्सप्लोसिव डिटेक्टर्स को एयरपोर्ट पर स्थापित करने का विचार कर रहा है। यह जानकारी इस मामले के बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने दी।

उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इसे स्थापित करने में कितना समय लगेगा। मगर, मंत्रालय ने हाल ही में कुछ यूरोपीय फर्मों द्वारा हवाई अड्डों पर तरल पदार्थ को स्कैन करने के लिए उपयोग की जाने वाली लेटेस्ट तकनीकों पर दी गई प्रजेंटेशन की समीक्षा की।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक टेक्नोलॉजी कंपनी को इसके लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। मंत्रालय मेट्रो हवाई अड्डे पर इसका परीक्षण करने की योजना बना रहा है। इसके बाद मंत्रालय उन सामानों की सूची जारी करेगा, जिन्हें यात्री अपने साथ ले जा सकेंगे। हालांकि, शराब को साथ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, जो कि संभावित खतरा पैदा कर सकती है।

यात्री को अपने कंटेनर को डिटेक्टर में रखना होगा और महज पांच सेकंड में यह बता देगा कि लिक्विड में कितने फीसद विस्फोटक है। यह बिल्कुल नया कॉन्सेप्ट है। पिछले कुछ सालों से अमेरिका और यूरोप के कुछ हवाई अड्डों में बोतलबंद तरल को स्कैन किया जाता है। इसके बावजूद वहां पर अभी भी यात्री 100 मिली लीटर ही तरल अपने साथ लेकर जा सकते हैं।
मंत्रालय की तरफ से एक बार इस तकनीक का चयन करने का फैसला किए जाने के बाद नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) दिशा-निर्देश तैयार करेगा। बताते चलें कि यूके के एयरपोर्ट में एक आतंकी घटना में लिक्विड जेल एक्सप्लोसिव्स का इस्तेमाल किए जाने के बाद साल 2006 से तरल पदार्थों को विमान में साथ ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।