बीजिंग: चीन ने रूस से अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और मिसाइल सिस्टम की खरीदारी के लिए चीनी सैन्य इकाई पर अमेरिका द्वारा लगाई गई पाबंदी पर अपना आधिकारिक विरोध जताने के लिए शनिवार को अमेरिकी राजदूत को तलब किया. चीन ने दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ते कारोबारी टकराव को खत्म करने के लिए उप प्रधानमंत्री लिउ हे को वॉशिंगटन भेजने के कार्यक्रम को भी कथित तौर पर रद्द कर दिया है. आधिकारिक मीडिया ने शनिवार को बताया कि चीनी सेना के उपकरण विकास विभाग और इसके निदेशक पर अमेरिकी पाबंदी के खिलाफ चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को समन किया.

अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरूवार को कहा था कि रूस के मुख्य हथियार आयातक के साथ महत्वपूर्ण लेन-देन के कारण वह चीनी सेना के उपकरण विकास विभाग और उसके निदेशक ली शांगफू पर तुरंत पाबंदी लगाएगा.  

चीन और अमेरिका व्यापार युद्ध में फिर आमने-सामने
चीन ने अमेरिका के साथ अगले सप्ताह होने वाली व्यापार वार्ता रद्द कर दी है और अपने उप प्रधानमंत्री लियू ही को वार्ता के लिए नहीं भेजने का फैसला किया है. समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल ने यह जानकारी दी है. समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा कि चीन लियू की योजनाबद्ध यात्रा से पहले अमेरिका में मध्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी नहीं भेज रहा है. चीन सरकार ने इस संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की है.
चीन और अमेरिका दोनों के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के अरबों डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क लगा रहे हैं. इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया और साथ में चीन के 267 अरब डॉलर के सामान पर भी आयात शुल्क लगाने की चेतावनी दी. अमेरिका के इस रुख पर प्रतिक्रियास्वरूप बीजिंग ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया. इससे पहले भी दोनों देश एक-दूसरे के 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगा चुके हैं.