ज्यादातर लोग होते हैं जिन्हें सर्दियों का मौसम बेहद पसंद होता है। वहीं कुछ एेसे भी लोग होते हैं, जो सर्दी के मौसम का नाम सुनकर घबराने के लगत हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि एेसा कैसे और क्यों होता है, तो आपको बता दें कि एेसा ठंड में पड़ने वाले कोहरे और कम धूप बहुत से लोगों की मानसिक परेशानी का कारण होता है। 

वास्तु शास्त्र के अनुसार धूप की कमी व्यक्ति के आस-पास नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा देती है, इसलिए आपको ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर आप घर में कुछ वस्तुओं को रखने में सावधानी बरतें, तो इनसे बचा जा सकता है। यहां जानें उन चीज़ें के बारें में-
भारी पर्दे
गर्मियों में खिड़कियों पर लगे भारी पर्दे  घर और परिवार दोनों को धूप से बचाते हैं, लेकिन सर्दियों में यह आपके घर प्रकाश आने से रोकते हैं। जिसके कारण आपका घर नकारात्मक ऊर्जा का गढ़ बन जाता है, इसलिए ठंड शुरु होते ही इन्हें बदल देना ही ठीक रहता है।
टूटी-फूटी चीजें
ठंड का मौसम में टूटी-फूटी चीजें घर की गंदगी को बढ़ाती है जिसके चलते आप मानसिक अशांति का शिकार बनने लगते हैं। इसलिए ठंड शुरु होने से पहले ही इन्हें हटा दें।

इसके अलावा कुछ और चीजों को घर में रखते हुए सावधानी बरतें-
शीशा 
दर्पण, शीशा या आईना एक ऐसी चीज़ है जो इंसान पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार का प्रभाव डालती है। सर्दियों में यह आपके लिए बीमारियों का घर बना सकता है। इसलिए अगर आपके मुख्य द्वार पर या इसके सामने आईना हो, तो इसे तुरंत हटाएं। खासकर जब आपके घर के बच्चे लगातार बीमार होने लगें तो इसे अनदेखा न करें।
दवाइयां
बहुत बार देखने को मिलता है कि कुछ लोग दवाइयों को आप टेबल पर रखते हैं। हलांकि यह आदत हमेशा ही आपके लिए नुकसानदेह है लेकिन सर्दियों में विशेष कर इसे बदल दें। दवाइयों को कभी भी इधर-उधर बिखरा हुआ न रखें। खासकर बेड के साइड टेबल पर तो बिल्कुल भी नहीं। वरना ऐसे घर में हमेशा कोई न कोई हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त ही रहता है।
बेड के नीचे शूज रखना
कुछ बच्चों व बड़ों में बेड के नीचे शूज रखने की आदत होती है। इसके दो कारण होते हैं, एक तो आप आसानी से उन्हें निकाल पाते हैं, दूसरा आपको लगता है वे दिखाई नहीं देंगे। लेकिन आपकी यह आदत नींद न आने की बीमारी पैदा कर सकती है। यह आपको मानसिक रूप से हमेशा अशांत करता है जो आखिरकार अवसाद का कारण बनता है। सर्दियों में तो भूलकर भी यह न करें।