भोपालः मध्य प्रदेश में अबकी बार 200 पार का नारा देने वाली बीजेपी बड़ी मुश्किलों के बीच खड़ी दिखाई दे रही है. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद से ही बीजेपी को सामान्य वर्ग के लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. प्रदेश में सवर्ण समाज लगातार केंद्र और शिवराज सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर कर रहा है. प्रदेश में सवर्णों का सरकार के प्रति आक्रोश का सीधा प्रभाव प्रदेश की 148 सीटों पर पड़ता है, जिसके चलते अब सीएम शिवराज लगातार सवर्णों के गुस्से को कम करने की कोशिश में लगे हैं. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर सफाई देते हुए सीएम शिवराज ने बड़ा बयान दिया है. गुरुवार को ट्वीट के जरिए सीएम शिवराज ने कहा कि 'मध्य प्रदेश में एससी-एसटी एक्ट का गलत उपयोग किसी हालत में नहीं होगा, बिना जांच-पड़ताल के कोई गिरफ्तारी नहीं होगी.' वहीं सीएम शिवराज के इस ट्वीट में भारी तादात में लोगों ने इसे रिट्वीट भी किया है. जिसमें किसी ने शिवराज सिंह की तारीफ तो किसी ने विरोध किया है.

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय घेराव
बता दें सीएम शिवराज ने यह ट्वीट गुरुवार को हुए सवर्ण समाज के धरना प्रदर्शन को लेकर किया है. दरअसल, बीते गुरुवार को भोपाल के हबीबगंज स्टेशन के पास सवर्ण समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने हाथ में काले झंडे और हांथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जमा हो गए थे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय और मंत्री रामपाल सिंह के घर के सामने भी प्रदर्शन किया. 

साल के अंत में विधानसभा चुनाव
बता दें पिछले दिनों एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था, जिसे भारी तादात में समर्थन मिला था. मध्य प्रदेश के साथ ही बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र में भी सवर्ण समाज द्वारा बुलाए भारत बंद का असर देखने मिला था. वहीं सीएम शिवराज के आश्वासन भरे ट्वीट के बाद लोगों ने ट्वीट पर जमकर प्रतिक्रियाएं भी दीं. बता दें प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में भाजपा सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है और इसीलिए खुद सीएम शिवराज एससी-एसटी एक्ट से हुई छति को कम करने की कोशिश में लगे हैं.